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आस्था स्थलों को निशाना बनाने वालों को बेनकाब किया जाएगा: मदन राठौड़

जयपुर, 14 जुलाई । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राम मंदिर और बुटाटी धाम चंदा चोरी प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने और समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता, जो समाज के कुछ लोगों को गुमराह कर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही हैं।

राठौड़ ने कहा कि बुटाटी धाम प्रकरण में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि बुटाटी धाम के प्रबंधन में कांग्रेस से जुड़े लोग रहे हैं और वहां के प्रबंधन का अध्यक्ष कांग्रेस पार्षद का पति है। ऐसे में भाजपा पर आरोप लगाने का प्रयास कांग्रेस पर ही भारी पड़ गया। उन्होंने कहा कि डोटासरा ने भाजपा को घेरने की कोशिश में “सेल्फ गोल” कर लिया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन लोगों का मंदिरों और उनकी परंपराओं से कभी जुड़ाव नहीं रहा, वे आज निराधार आरोप लगाकर समाज की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के वर्षों के समर्पण का उल्लेख करते हुए उन्हें बदनाम करने के प्रयासों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

राठौड़ ने कहा कि श्रद्धालु मंदिरों में आस्था के कारण दान देते हैं, जिससे मंदिरों का विकास और जनहित के अनेक कार्य संचालित होते हैं। ऐसे में चंदा चोरी जैसे निराधार आरोप लगाकर लोगों की आस्था को आहत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि विदेशी आक्रांताओं ने सबसे पहले भारत की आस्था और सांस्कृतिक विरासत पर हमला किया था और आज भी कुछ शक्तियां उसी मानसिकता के साथ समाज की आस्था पर प्रहार करने का प्रयास कर रही हैं। ऐसी ताकतों की गहन जांच कर उन्हें बेनकाब किया जाएगा।

राठौड़ ने प्रसूताओं की उपचार के दौरान हुई अप्रिय घटना पर भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।