हिमाचल में हवाई संपर्क को मिली नई उड़ान, मुख्यमंत्री ने कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर सेवाओं का किया शुभारंभ
शिमला, 06 जुलाई । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को अपने आधिकारिक आवास ओकओवर से मंडी-चंडीगढ़ तथा कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच दैनिक हेलीकॉप्टर सेवाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया। नई सेवाओं का उद्देश्य प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई संपर्क को मजबूत करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और यात्रियों को तेज एवं सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है।
मंडी-चंडीगढ़ हेलीकॉप्टर सेवा भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत संचालित होगी, जबकि कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ मार्ग पर गैर-आरसीएस (बाजार आधारित) मॉडल के अंतर्गत हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड सेवाएं संचालित करेगी। सभी उड़ानें नव निर्मित कांगनीधार (मंडी) हेलीपोर्ट से संचालित होंगी, जिसे आधुनिक यात्री सुविधाओं और आवश्यक अवसंरचना से सुसज्जित किया गया है।
निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार हेलीकॉप्टर सुबह 9 बजे कुल्लू से उड़ान भरकर 9:10 बजे मंडी पहुंचेगा और वहां से 9:15 बजे रवाना होकर 9:45 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगा। वापसी में हेलीकॉप्टर सुबह 10 बजे चंडीगढ़ से उड़ान भरकर 10:30 बजे मंडी तथा 10:45 बजे कुल्लू पहुंचेगा। आरसीएस-उड़ान योजना के तहत मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर का किराया 3,500 रुपये, जबकि कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ मार्ग का किराया 8,500 रुपये निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सेवाओं से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, पर्यटन को नई गति मिलेगी और आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई संपर्क का विस्तार करने तथा विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर तथा चंबा में हेलीपोर्ट निर्माण अंतिम चरण में है। ऊना में हेलीपोर्ट के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, जबकि नाहन, सोलन और लाहौल-स्पीति के रंगरीक में भी हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।









