पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने आदिवासी समाज के साथ मनाया हूल दिवस, अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
रांची, 30 जून । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मंगलवार को रांची जिले के बेड़ो प्रखंड अंतर्गत डुमरी मसिया गांव में आदिवासी समाज के साथ हूल दिवस मनाया। इस अवसर पर उन्होंने हूल क्रांति के महानायक वीर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, वीरांगनाओं फूलो-झानो तथा हूल आंदोलन के सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज के अदम्य साहस, स्वाभिमान और संघर्ष का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित हूल क्रांति के वीर सेनानियों ने जल, जंगल, जमीन और अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनके अनुसार जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सामाजिक सशक्तीकरण और विकास को केंद्र सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
इस दौरान अश्विनी कुमार चौबे ने झारखंड सरकार पर जनजातीय क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान, संस्कृति और गौरव के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी जनजातीय समाज के सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी इसी भावना के साथ कार्य करती रहेगी।
कार्यक्रम में मांडर विधानसभा की पूर्व विधायक गंगोत्री कुजूर, भाजपा अध्यक्ष बलराम सिंह, महामंत्री मनोज कुमार शाह, उपाध्यक्ष अरुण कुमार, के.के. मिश्रा, अशोक, बिरसा उरांव, टी.एन. मिश्रा, नरेंद्र पाठक सहित भारतीय जनता पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।









