जबलपुरः एटीएम कार्ड बेचने वाले गिरोह का खुलासा, 10 एटीएम कार्ड, 20 हजार रुपये और स्कूटी जब्त
जबलपुर, 28 जून । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बेलबाग थाना पुलिस ने लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड और बैंकिंग जानकारी बेचकर अवैध लाभ कमाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 10 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, 20 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और बिना नंबर की एक्सिस स्कूटी जब्त की गई है।
थाना प्रभारी जितेंद्र पाटकर ने रविवार को बताया कि 27 जून को बेलबाग तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर की स्कूटी पर सवार संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ की गई। उसने अपना नाम सौरभ कुमार रजक (31) निवासी न्यू कंचनपुर, थाना आधारताल बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से एसबीआई, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया सहित विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड तथा 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए।
पूछताछ में सौरभ ने बताया कि उसकी पहचान गोरखपुर थाना क्षेत्र की मांडवा बस्ती निवासी रोहित से हुई थी। रोहित अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क कर उसे प्रतिदिन 5 से 10 एटीएम कार्ड देता था और कैश डिपॉजिट मशीन के माध्यम से विभिन्न खातों में रुपये जमा कराने का काम करवाता था। बरामद 20 हजार रुपये भी वह रोहित के कहने पर जमा कराने जा रहा था। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
साइबर सेल द्वारा आरोपी के मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप पर “नितिन 3333” नाम के संपर्क से हुई चैट मिली, जिसमें बड़ी संख्या में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खातों की जानकारी, लॉगिन आईडी, पासवर्ड, पासबुक की प्रतियां और बारकोड साझा किए गए थे।
जांच में सामने आया कि सौरभ ने स्वयं भी बैंक ऑफ इंडिया, मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इक्यूटास बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक में खाते खुलवा रखे थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि उसके द्वारा साझा किए गए कुछ बैंक खातों के संबंध में गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें पहले से दर्ज हैं।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी सौरभ रजक, रोहित तथा व्हाट्सएप धारक “नितिन 3333” मिलकर लोगों के बैंक खाते खुलवाते, उनके एटीएम कार्ड और बैंकिंग विवरण हासिल कर उन्हें बेचने का संगठित नेटवर्क चला रहे थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी सौरभ रजक को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।









