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हिमालयी आपदाओं और दीर्घकालिक समाधान पर दो दिवसीय कार्यशाला

नैनीताल, 16 जून । डॉ. आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल में हिमालयी आपदाओं एवं उनके दीर्घकालिक समाधान विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को प्रारंभ हुआ। कार्यशाला में विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा की।

कार्यशाला के प्रथम दिवस महानिदेशक बीपी पांडे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखंड में पूर्व में घटित आपदाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में 100, वर्ष 2017 में 150, वर्ष 2020 में 130 तथा वर्ष 2021 में 204 लोगों की मृत्यु विभिन्न आपदाओं के कारण हुई थी। उन्होंने कहा कि आपदाओं के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन और मौसम में हो रहे बदलावों के कारण वनाग्नि की घटनाएं तथा शहरी जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।

पर्यटन गतिविधियों के विस्तार, वाहनों की बढ़ती संख्या और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव से पर्यावरणीय चुनौतियां भी गंभीर होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड प्रशासन अकादमी का आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ निरंतर क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित कर रहा है तथा आपदा मित्र, आपदा सखी, पीआरडी, होमगार्ड, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस और स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

पद्मश्री अनूप साह ने हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ती आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और मौसमीय बदलावों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए इनके प्रभावी न्यूनीकरण पर बल दिया।

अपर सचिव प्रकाश चंद्रा ने कहा कि मानसून से पूर्व आपदा तैयारियों के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत कार्मिकों और आमजन को जागरूक किया जाना चाहिए।

संयुक्त निदेशक डॉ. महेश कुमार ने तकनीकी सत्रों में जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों के पिघलने, भूस्खलन, त्वरित बाढ़, भूकंप और पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते खतरों पर प्रकाश डालते हुए संभावित समाधानों पर चर्चा की। कार्यशाला में आईआईटी रुड़की के डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, डब्ल्यूआईएचजी की वैज्ञानिक डॉ. अर्चना सरकार, एनएचपीसी के बीपी पाटनी, एनडीएमए के डॉ. पवन कुमार, प्रो. सूर्य कुमार, डॉ. बीपी पंत, डॉ. भावेश पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, वैज्ञानिक, प्रोफेसर, शोधकर्ता और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों समेत लगभग 120 प्रतिभागी उपस्थित रहे।