बांधवगढ़ में फिर बाघिन की मौत, बीमारी बताई गई वजह, लगातार घटनाओं से उठे सवाल
उमरिया, 18 मार्च । मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में वन्यजीवों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर संदिग्ध परिस्थितियों में एक बाघिन की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही घटनाओं ने वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है और प्रबंधन पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
पार्क के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार 15 मार्च की शाम मानपुर बफर रेंज के बनवेई नाला क्षेत्र में एक बीमार बाघिन की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अधिकारियों की टीम ने हाथियों की मदद से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। लगभग 5 वर्ष की यह मादा बाघिन अत्यंत कमजोर अवस्था में थी और ज्यादा दूरी तक चलने में असमर्थ दिख रही थी।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में तत्काल उपचार शुरू किया गया। अगले दिन 16 मार्च को बाघिन का रेस्क्यू कर उसे बहेरहा इनक्लोजर में शिफ्ट किया गया, जहां उसका इलाज जारी रखा गया। 17 मार्च तक उसकी निगरानी की जा रही थी, लेकिन 18 मार्च को दोपहर में उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को दी गई। निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शव परीक्षण और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
प्रारंभिक जांच में बाघिन की मौत का कारण एक गंभीर बीमारी बताया गया है, जिसमें लिवर और तिल्ली (स्प्लीनोमेगली) प्रभावित हो जाते हैं, साथ ही आंतरिक रक्तस्राव के संकेत भी मिले हैं। हालांकि, विस्तृत कारणों की पुष्टि के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
लगातार वन्यजीवों की हो रही मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि नियमित गश्त के बावजूद बाघिन की बीमारी का समय पर पता क्यों नहीं चल पाया। इससे निगरानी व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर संदेह गहराता जा रहा है।









