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शिमला की जिला अदालत को बम से हमले की धमकी पर एफआईआर

शिमला, 11 मार्च । राजधानी शिमला के चक्कर स्थित जिला अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस थाना बालूगंज में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(b), 351(3), 351(4) और 152 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला चक्कर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 (ADJ-1) की अदालत को भेजे गए एक ई-मेल से जुड़ा है। इसमें अज्ञात व्यक्ति ने अदालत परिसर में आईईडी बम और जहरीली गैस से हमले की धमकी दी थी।

पुलिस के अनुसार धमकी भरे ई-मेल को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच की जा रही है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक अदालत की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर मंगलवार को यह संदेश भेजा गया था, जिसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में आईईडी लगाए गए हैं और वहां जहरीली गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है। ई-मेल मिलने के बाद अदालत प्रशासन ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और पूरे अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बम निरोधक दस्ते तथा डॉग स्क्वॉड की मदद से अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्रों की गहन तलाशी ली। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए अदालत परिसर में गतिविधियों पर भी नजर रखी गई। हालांकि जांच के दौरान किसी भी तरह का बम, आईईडी या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि एहतियात के तौर पर पूरे परिसर की कई बार जांच की गई, ताकि किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके।

इस मामले में पुलिस की साइबर और तकनीकी टीमें भी जांच में जुट गई हैं। ई-मेल किस सर्वर या आईपी पते से भेजा गया, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश की अदालतों व अन्य संस्थानों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। पिछले कुछ समय में ई-मेल के जरिए अदालत परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले सामने आए हैं। हर बार सुरक्षा एजेंसियों ने जांच के बाद स्थिति को सुरक्षित पाया, लेकिन ऐसे संदेशों को गंभीरता से लिया जाता है और पूरी जांच की जाती है।