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नाबालिग बच्ची ने याचिका दायर कर कहा लापता नहीं अपनी मां के साथ हूं, हाईकोर्ट ने कहा फेसबुक हटाए पोस्ट

जयपुर, 07 मार्च । राजस्थान उच्‍च न्‍यायालय पर अदालत ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा को निर्देश दिए हैं कि वह भ्रामक पोस्ट को ब्लॉक करे। जस्टिस अनूप कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश नाबालिग बच्ची की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

अदालत ने कहा कि कई बार सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पोस्ट हो जाती है, जो किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और निजता को नुकसान पहुंचाती है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और किसी व्यक्ति की गरिमा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए मजबूत कानूनी ढांचा, तकनीकी उपाय और डिजिटल जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि गलत सूचना और भ्रामक पोस्ट को रोका जा सके।

याचिका में अधिवक्ता राजेश कुमार ने कहा कि याचिकाकर्ता की मां और पिता की साल 2010 में शादी हुई थी और साल 2013 में उसका जन्म हुआ। वहीं दो साल बाद ही दुर्भाग्य से उसके पिता की मौत हो गई। तब वे याचिकाकर्ता जयपुर में अपनी मां के साथ रह रही है। याचिका में कहा कि उसके दादा-दादी ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर कहा कि वह अहमदाबाद से लापता हो गई है और उसे ढूंढने वाले को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके वायरल होते ही अनजान लोग उसके घर पहुंच रहे हैं और इससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। वहीं याचिकाकर्ता के दादा की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता की दादी का निधन हो चुका है और वह स्वयं 70 साल का है। इसके अलावा उसने फेसबुक पर कोई पोस्ट नहीं डाली है। दोनों पक्षों को सुनकर अदालत ने माना कि प्रकरण में न तो याचिकाकर्ता लापता हुई और ना ही कोई गुमशुदगी दर्ज हुई है। इसके साथ ही अदालत ने विवादित पोस्ट को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं।