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केंद्र सरकर का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला लोकतंत्र के लिए घातक : देवेन्द्र जग्गी

पूर्व महापौर एवं कांग्रेस नेता देवेन्द्र जग्गी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अभिव्यक्ति की आज़ादी पर लगातार अंकुश लगाए जाने की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं। देश में ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है मानो अघोषित आपातकाल लागू हो। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और विरोध दर्ज करना लोकतंत्र का मूल अधिकार है, लेकिन आज विरोध की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

शुक्रवार को यहां जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि क्या शांतिपूर्ण विरोध करना अब अपराध हो गया है? क्या अपनी असहमति व्यक्त करना लोकतंत्र के विरुद्ध है? इस प्रकार की कार्रवाई से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर काम कर रही है और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का पर्याप्त अवसर न दिया जाना भी लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की समान भूमिका होती है। विपक्ष की आवाज़ दबाना लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि कुछ नेता अपनी ही राज्य की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाने के बजाय दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते नजर आ रहे हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अन्याय और दमन के खिलाफ हमेशा आवाज़ उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।