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गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर औरैया में प्रभातफेरी, शबद-कीर्तन से गुंजायमान हुआ नगर

सिख समाज के लोगों ने गुरु तेग बहादुर के उस सर्वोच्च बलिदान को याद किया, जिसे धर्म, मानवता और अन्याय के विरुद्ध सत्य की रक्षा के लिए किया गया था। प्रभातफेरी में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि गुरु तेग बहादुर का जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर मानवता का मार्ग प्रशस्त किया।

प्रभातफेरी मार्ग में जगह-जगह लोगों ने गुरु का जयघोष करते हुए संगत का स्वागत किया। कीर्तन के साथ आगे बढ़ती श्रद्धालुओं की टोली ने लोगों को गुरु के बताए सत, न्याय, समानता और मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।

प्रभातफेरी शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः गुरुद्वारा पहुँची, जहाँ गुरु वाणी का पाठ किया गया। पाठ के बाद संगत को प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर धार्मिक नेताओं ने गुरु तेग बहादुर के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संदेश केवल किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि समूचे मानव समुदाय के लिए मार्गदर्शन है।

सिख समुदाय ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और सत्य की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर का बलिदान सदैव अमर रहेगा। प्रभातफेरी में शामिल लोगों ने गुरु के सिद्धांतों पर चलने और समाज में शांति, भाईचारा और सहिष्णुता को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया।