धमतरी:कृषि विभाग ने कहा असामयिक वर्षा-ओलावृष्टि से बचाव के लिए बरतें आवश्यक सावधानियां

कटाई उपरांत धान की करपा को खेत के मेड़ों पर या खरही बनाकर सुरक्षित स्थान पर रखें, जिससे वर्षा के पानी से फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही यह भी अवगत कराया गया है कि धान की खड़ी फसल को अत्यधिक वर्षा से होने वाला नुकसान बीमा आवरण में सम्मिलित नहीं है, अतः किसान फसल की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।

यदि किसी किसान की कटाई उपरांत रखी गई फसल असामयिक वर्षा या ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त होती है, तो किसान को बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर क्षति होने के 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से सूचना देनी होगी। साथ ही संबंधित कृषि या राजस्व विभाग के मैदानी अमले एवं बैंक शाखा को भी लिखित सूचना देना आवश्यक है, ताकि क्षति का मौके पर मूल्यांकन कर शासन के प्रावधानों के अनुरूप समय पर बीमा दावा प्रक्रिया पूरी की जा सके।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी और सतर्कता के साथ अपनी फसलों की सुरक्षा करें एवं आवश्यक सूचना निर्धारित समय में उपलब्ध कराकर बीमा सुरक्षा का लाभ प्राप्त करें।