बीएचयू में छात्राओं की सुरक्षा को मिली नई मजबूती,अलर्ट बटन दबाने पर पहुंच रही त्वरित सहायता
प्रो. सिंह के अनुसार, ‘नमस्ते बीएचयू’ मोबाइल एप में जोड़ा गया यह अलर्ट फीचर छात्राओं को आपातकालीन स्थितियों में तुरंत सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। पाँच सप्ताह की इस अवधि में जब भी अलर्ट बटन दबाया गया, सुरक्षा टीम ने बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंचकर स्थिति को कुशलता से संभाला।
उन्होंने बताया कि कुछ घटनाओं में बटन अनजाने में दब गया था, फिर भी हर बार टीम ने उसे गंभीरता से लिया। यह विश्वविद्यालय की उस नीति को दर्शाता है जिसमें हर कॉल को आपातकालीन प्राथमिकता के साथ लिया जाता है, ताकि किसी भी वास्तविक संकट की स्थिति में कोई देरी न हो।
उन्होंने बताया कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए बड़ी पहल उल्लेखनीय है कि यह सुविधा 3 सितम्बर को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की ओर से महिला महाविद्यालय में आरंभ की गई थी। यह पहल को छात्राओं की सुरक्षा और उनके समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई विस्तृत सुरक्षा योजना का प्रथम चरण है। फिलहाल यह सुविधा विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित है, लेकिन इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए भविष्य में इसके विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। सुरक्षा अलर्ट प्रणाली का सफल संचालन बीएचयू की सुरक्षा टीम की पेशेवर दक्षता, सतर्कता और निष्ठा को दर्शाता है। यह छात्राओं में यह विश्वास उत्पन्न करता है कि संकट की घड़ी में सहायता सिर्फ एक बटन दूर है।
प्रो. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर की समग्र निगरानी और सतर्कता प्रणाली को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह है कि पिछले कुछ महीनों में परिसर में कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।









