महिलाओं को समाज में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल : पंवार

दूसरे चरण में वार्षिक आय की सीमा 1 लाख 80 हजार रुपए तक होगी। यानी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सभी परिवारों की महिलाएं शामिल होंगी। तीसरे चरण में आय की वार्षिक सीमा 3 लाख रुपए तक होगी। पंवार ने कहा कि गांवों में चौपालों में जाने से महिलाएं संकोच करती हैं, इसलिए प्रदेश सरकार की ओर से हर गांव में महिला सांस्कृतिक केंद्र खोले जाएंगे, ताकि वहां महिलाएं बेझिझक होकर बैठ सकें। टोहाना में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री देवेन्द्र बबली ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को समाज में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि अधिक से अधिक पात्र महिलाएँ इस योजना से जुडक़र आत्मनिर्भर, स्वस्थ और सशक्त बनें। रतिया में आयोजित कार्यक्रम में पहुंची पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने नवरात्रों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं की सहायता करने और सशक्त बनाने के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना नामक एक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की है।