जींद : सीआरएसयू की सहायक प्रोफेसर तीसरी बार विश्व के सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित यह सूची पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का गहन विश्लेषण करने के बाद तैयार की जाती है। इसमें वैज्ञानिकों के शोधपत्रों की संख्या, उद्धरण, एच इंडेक्स, सहलेखन और उनके शोध के प्रभाव जैसे कई मापदंडों को शामिल किया जाता है। विश्व के लाखों वैज्ञानिकों में से चुनिंदा 2 प्रतिशत का इस सूची में स्थान पाना अत्यंत कठिन और सम्मानजनक उपलब्धि है। डा. निशा ने भौतिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य करते हुए 57 अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशन पत्रिकाओं में अपने शोधपत्र प्रकाशित किए हैं और भारत सरकार एवं यूनाइटेड किंगडम द्वारा स्वीकृत कुल तीन पेटेंट्स भी हासिल किए हैं।

इस वर्ष की सूची अगर हम बात करें तो भारत से कई प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे की भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु से वैज्ञानिक शामिल हैं। ऐसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के बीच डा. निशा देऊपा का चयन चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय और हरियाणा राज्य एवं भारत के लिए गर्व की बात है। गुरूवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राम पाल सैनी ने निशा को बधाई देते हुए कहा कि ये हमारे लिए बहुत ही गर्व का विषय है कि हमारे विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर का नाम उनके शोध कार्यों की वजह से पूरे विश्व के सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हुआ है। कुलसचिव प्रोफेसर लवलीन मोहन और भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद कुमार ने डा. निशा देउपा को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक का इस सूची में शामिल होना ही बड़ी बात है लेकिन डा. निशा का लगातार तीसरी बार विश्व के सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में नाम आना उनकी निरंतर मेहनत और शोध के प्रति समर्पण को दर्शाता है।