बलरामपुर : गणेश विसर्जन में बजने वाले डीजे के भीषण आवाज की चिंता सता रही लोगों को

गणेश पूजा के आयोजक एवं कार्यकर्ताओं के बीच डीजे साउंड को लेकर प्रतिस्पर्धा की स्थिति रहती है। विसर्जन में यह प्रदर्शित किया जाता है कि सबसे बड़ा डीजे साउंड किसका है और किसने इस पर सबसे ज्यादा खर्च किए।

उल्लेखनीय है कि नगर में गणेश पूजा के विसर्जन के दौरान झारखंड, बिहार, और उत्तरप्रदेश से भारी वाहनों में लोड कर डीजे सिस्टम लगाया जाता है। इस कानफोडू आवाज से नगरवासी दहल जाते हैं। डीजे साउंड को लेकर उच्च न्यायालय सख्त है। साउंड को लेकर जिला प्रशासन काे कार्रवाई करने निर्देशित किया गया है। ऐसा न करने पर कोलाहल अधिनियम के तहत एक लाख का जुर्माना और पांच वर्ष की सजा का भी प्रावधान है।

जिले के एसपी वैभव बेंकर ने बताया कि, सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर डीजे बजाना बिल्कुल गलत है। डीजे के कंपन से पूरा समाज परेशान हो जाता है। विसर्जन में कीर्तन ढोल नगाड़ों का भी उपयोग हो सकता है। इस बार यदि विसर्जन में आयोजक नहीं मानते है ताे कठोर कार्रवाई की जाएगी।