एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से आईपीडी का आनलाइन काम प्रभावित

सोमवार को एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से जिला अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, हमर लैब, स्पर्श क्लिनिक, एनसीडी एसएनसीयू वार्ड सहित अन्य वार्डों में नियमित स्टाफ नर्सों के साथ नर्सिंग के छात्र – छात्राएं, जीवन दीप समिति के कर्मचारी मरीजों का उपचार करते दिखे। तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी। ओपीडी में बीपी, शुगर जांच कराने मरीजों की लाइन लगी रही। यहां नर्सिंग छात्राएं मरीजों का जांच करती दिखी। मेडिकल विशेषज्ञ डा संजय वानखेड़े के पास उपचार कराने मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। आईपीडी पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों का देखरेख के लिए नर्सिंग छात्रों की ड्यूटी लगाई गई थी।

जिला अस्पताल के सलाहकार गिरीश कश्यप ने बताया कि मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 57 नियमित स्टाफ नर्सों की सिंगल ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही 40 नर्सिंग छात्रों की भी सेवा ले रहे है। ओपीडी में पर्याप्त डाक्टर उपलब्ध है। एनएचएम के डा तेजस शाह, डा रागिनी ठाकुर और डा स्वीटी नंदा आज ड्यूटी कर रहे है। आनलाइन कार्य के लिए जीवन दीप समिति के कर्मचारियों को लगाया गया है। आईपीडी का आनलाइन कार्य नहीं हो पा रहा है। इसके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था बनाएंगे।

10 सूत्री मांगों को लेकर जिले के एनएचएम कर्मी हड़ताल पर

सोमवार से जिले के 593 एनएचएम कर्मी शहर के गांधी मैदान में अनिश्चिकालीन हड़ताल पर बैठ गए है। जिले के तीन सिविल अस्पताल, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक जिला अस्पताल है। यहां एनएचएम कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत है। जिला अस्पताल में 92 एनएचएम कर्मी है। एनएचएम संघ के विकास कुमार, भागेश्वर लोधी, नोम कुमार सिन्हा, नारायण साहू ने बताया कि विगत 20 वर्षों से एनएचएम के अंतर्गत काम कर रहे है। इतने सालों में कई राज्यों में एनएचएम कर्मियों को ग्रेड पे, समान काम समान वेतन, जाब सुरक्षा, अनुकंपा, मेडिकल बीमा, चिकित्सा अवकाश जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध है। लेकिन छत्तीसगढ़ के एनएचएम कर्मियों को आज पर्यंत तक इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। संघ की 10 सूत्री मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है। जिसमें संविलयन एवं स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ केडर की स्थापना, ग्रेड पे निर्धारण, कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता, लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा, स्थानांतरण नीति और न्यूनतम 10 लाख तक कैशलेश चिकित्सा बीमा सुविधा की मांग शासन – प्रशासन से कर रहे है। इस दौरान जिले के महिला एवं पुरुष एनएचएम कर्मी उपस्थित थे।