साहब मै जिंदा हूं, जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

साहब मै जिंदा हूं, जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

जौनपुर, 14 मई (हि.स.)। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति अपने जिंदा हाेने का सबूत लेकर पहुंचा। वह अपने आगे तख्ती लटाए था जिस पर मै जिन्दा हूं लिखा हुआ था। वह जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह से मिलकर शिकायत करने पहुंचा था।

मामला बक्शा थाना क्षेत्र के खुशहुपुर गांव में जमीनी विवाद का मामला सामने आया है। यह विवाद जमीन के बंटवारे को लेकर है। विजय बहादुर का आरोप है कि एसडीएम शहर पवन कुमार सिंह द्वारा मुझे मेरे पट्टीदारों से मिलकर कागजों पर मृत घोषित कर दिया है।

विजय बहादुर और सुनील कुमार के बीच धारा-145 का मुकदमा पिछले 18 वर्षों से न्यायालय में चल रहा है। इस मामले में धारा-140(1) के तहत कुर्की का आदेश जारी किया गया था। जिला जज जौनपुर ने इस आदेश को खारिज कर दिया। विजय बहादुर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया।

शंकर और उनके साथियों ने उपजिलाधिकारी सदर के न्यायालय में धारा-116 के तहत नया मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम सदर को प्रभावित कर विजयबहादुर के बेटे अशोक कुमार का फर्जी हलफनामा तैयार कराया गया।

22 नवंबर 2024 को दोपहर 2-3 बजे के बीच कथित हलफनामा तैयार किया गया। उस समय अशोक कुमार जेल में थे। उन्हें उसी दिन शाम 7 बजे जेल से रिहा किया गया। अशोक को 18 नवंबर को धारा 170, 128, 135 के तहत गिरफ्तार किया गया था। दो लाख रुपये की जमानत राशि जमा करने के बाद भी उन्हें जेल भेज दिया गया।

11 मई 2025 को एक और घटना हुई। लेखपाल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। विजय बहादुर का छप्पर हटाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर छप्पर में आग लगा दी गई। यह मामला वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस घटना क्रम से आहत विजय बहादुर ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर न्याय की गुहार लगायी है। वहीं जिलाधिकारी ने पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिया है।