पहली बार दिखा ऐसा सीरियल किलर: आधा सिर, तीन हथियार, टुकड़ों में लाश!

भीलवाड़ा में हाल ही में हुए सीरियल किलिंग मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। दीपक नामक आरोपी ने अपने दोस्तों की हत्या करने के बाद अपनी बड़ी बहन के पास जाकर खाना खाया। जब उसकी बहन ने उसकी तबीयत ठीक नहीं लगने पर उसे वहीं रुकने के लिए कहा, तो वह भड़क गया और वहां से बाहर निकल गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट किया है कि हत्या के दौरान गार्ड के सिर पर 12 से अधिक बार वार किए गए थे। दीपक के एक दोस्त मोनू का आधा सिर काफी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त था, जबकि उसके दूसरे दोस्त संदीप का आधा सिर जल गया था। इसेस पहले डॉक्टरों ने बताया कि उनके 15 साल के करियर में ऐसा जघन्य अपराध पहले कभी नहीं देखा गया।

दीपक को पुलिस ने अपनी हिरासत में लेकर दो दिन की रिमांड पर लिया है। टीम अब इससे तीन हत्याओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है। 22 अप्रैल की रात को भीलवाड़ा के अयप्पा मंदिर में गार्ड को बेहद बर्बर तरीके से मारा गया था। आरोप लगाया गया है कि दीपक ने गार्ड को लात-घूंसों और कई धारदार हथियारों से घायल किया। पुलिस ने उसके घर से दो मृतक दोस्तों के शव भी बरामद किए, जिनके साथ भी काफी बुरी तरह से बर्ताव किया गया था।

पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर अनुपम बंसल के अनुसार, उन्हें 24 घंटे के अंदर दो हत्याओं के पोस्टमॉर्टम करने पड़े। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की हत्या में ऐसा प्रतीत होता है कि किलर के मन में मृतकों के प्रति गहरी नफरत थी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सीरियल किलर हत्या से पहले शराब पीते हैं। इससे उनकी समझ्नता खत्म हो जाती है और वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं। दीपक के मामले में भी यही स्थिति रही है। उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों में एक भारी वजन वाला, एक हल्का और एक धारदार चाकू शामिल था। यह स्पष्ट है कि दीपक ने गार्ड लाल सिंह रावणा पर इस तरीके से हमले किए कि यह कहीं न कहीं उसकी मानसिकता की विकृति को दर्शाता है।

दीपक की बहन ने बताया कि 22 अप्रैल को अपने दोस्तों की हत्या करने के बाद जब वह उसके पास आया, तो उसने किसी भी प्रकार से उस पर शक नहीं किया। बहन का कहना है कि दीपक के हाव-भाव से वह परेशान लग रहा था। जब उसने उससे वहीं रुकने के लिए कहा, तो उस पर क्रोध आ गया और वह वहां से निकल गया। अगर उसे पता होता कि उसके भाई ने ऐसी जघन्य हत्याएं की हैं, तो वह उसे तुरंत बाहर निकाल देती। उसे अपने भाई से घृणा हो गई है और उसने मांग की है कि उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

भीलवाड़ा के इस सीरियल किलिंग मामले ने न केवल उस क्षेत्र में बल्कि पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस और डॉक्टर दोनों ही इस मामले को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन आम जनता की भावना स्पष्ट है — ऐसे अपराधियों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।