जोधपुर में आतंकी हमले के खिलाफ उबाल, हर ओर कैंडल मार्च और प्रोटोस्ट।
कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में पर्यटकों पर हालिया हुए आतंकी हमले के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा पूरे शहर में गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। इस आपराधिक घटना के खिलाफ लोगों ने कैंडल मार्च, सर्वधर्म सभा और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित कीं। कई जगहों पर पुतलों को जलाकर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की गई। सभी आयोजनों में घटना की कड़ी निंदा की गई और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की गई।
मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी ने शहीद हुए 26 निर्दोष पर्यटकों की आत्मा की शांति हेतु बापू अब्दुल रहमान हॉल में एक श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन किया। सभा में सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट रिडमल खान ने कहा कि इस प्रकार की क्रूरता को नहीं सहा जाएगा और भविष्य में ऐसा कोई दुस्साहस न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब्दुल अज़ीज़, सोसायटी के अध्यक्ष, ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और हम सभी प्रकार के धार्मिक आतंकवाद के खिलाफ हैं। उन्होंने शहीद पर्यटकों के परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की।
इस दौरान सोसायटी के अन्य सदस्य जैसे नौशाद खान ने भी अपनी बातें रखीं। उन्होंने कहा कि इस्लाम में बेगुनाह की हत्या करना मानवता की हत्या है। उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी तरह की भड़काऊ टिप्पणियाँ न करें, ताकि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब बनी रहे। इसके बाद, श्रद्धांजलि सभा के बाद, एक कैंडल मार्च स्कूल कैम्पस से चीरघर तिराहा तक निकाला गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक शख्सियतें शामिल रहीं।
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने भी इस घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इसके जिलाध्यक्ष सलीम खान ने कहा कि यह हमला सिर्फ पर्यटकों या नागरिकों पर नहीं बल्कि सम्पूर्ण हिंदुस्तान की आत्मा पर है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जो भी संगठन या देश इस हमले के लिए जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व राज्यमंत्री राजेंद्रसिंह सोलंकी ने कहा कि यह घटना इंटेलिजेंस की विफलता का नतीजा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज रणछोड़ राय मंदिर के पास स्थित कार्यालय से एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला और राजीव गांधी सर्किल पर पहुंचकर शहीद पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कई राजनीतिक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस प्रकार, पूरे शहर में एकजुटता और शांति की अपील की गई, और आतंकवाद के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने का संकल्प लिया गया। सभी ने मिलकर यह आग्रह किया कि इस प्रकार की घटनाएं किसी भी हालत में न हों और समाज में अमन-चैन कायम रहे।









