हाईवे पर नया स्टील ब्रिज: चक्क जिदां गांव के पास मेन लेन में तोड़फोड़ शुरू!

**जालंधर में स्टील ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू: हाईवे कटिंग की प्रक्रिया आरंभ**

जालंधर में सोमवार को चक जिदां गांव के समीप स्थित हाईवे के पार एक स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक रोड कटिंग का कार्य शुरू हो गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इस ब्रिज की निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत के लिए 7 अप्रैल को स्थान चिह्नित किया था। अब, सोमवार के दिन से, जहां स्टील ब्रिज के पिलर बनने हैं, उस हिस्से में हाईवे की मुख्य लेन को तोड़ने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस बील्ड का संचालन इस वर्ष के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे चक चिंदा की दिशा से मकसूदां की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

इस निर्माण कार्य के दौरान हाईवे की सर्विस लेन पर मशीनों की गतिविधियों के कारण यातायात में थोड़ी परेशानी आई है। स्टील ब्रिज परियोजना के अंतर्गत दोपहिया वाहन चालक तूर एनक्लेव की ओर रैंप पर चढ़ेंगे और फिर मकसूदां की दिशा में उतरेंगे। इसके परिणामस्वरूप दोनों दिशाओं में लोहे के दो रैंप स्थापित किए जाएंगे। वाहन चालकों को केवल सर्विस लेन पर जाता हुआ आसमान मिलेगा और मुख्य जालंधर-करतारपुर मार्ग पर यातायात का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय निवासियों की लंबे समय से मांग जारी थी, जिसे अब जाकर पूरा किया जा रहा है। यह परियोजना, जो 2021 में शुरू होने की मांग की गई थी, अंततः अब गति पकड़ने लगी है। स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए फंडिंग रोड सेफ्टी योजना के तहत की जा रही है और आशा जताई जा रही है कि गर्मी के इस मौजूदा सीजन में इसमें पूरी सुविधा मुहैया हो जाएगी।

सोमवार को कार्य स्थल पर यह पाया गया कि रोड कटिंग मशीनों ने पहले बरसाती नाले के कंक्रीट को काटा है, जिसके अंदर से लोहे के सरिये निकलते हुए देखे गए। इस प्रक्रिया के अंतर्गत हाईवे की मुख्य लेन का एक सीमित हिस्सा भी तोड़ा جا रहा है, जबकि मकसूदां की दिशा में इस कार्य को आगे बढ़ाने की आवश्यकता अभी शेष है। इस ब्रिज के निर्माण के बाद चक जिंदा गांव, सलेमपुर और आसपास के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी।

स्थानीय नगर निगम को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन चालकों की सुरक्षा में कमी को दूर किया जाए। चक जिदां गांव की मुख्य सड़क पर सीवरेज ब्लॉकेज और लुक-बजरी की समस्या को ठीक करना आवश्यक हो गया है। स्टील ब्रिज के बाद यहां यातायात का बोझ बढ़ने की संभावना है। वर्तमान में सड़क पर सीवरेज की सुविधा बंद है, जिससे वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, स्ट्रीट लाइटों का भी सही तरीके से काम ना करना एक चिंता का विषय है। सीवरेज पाइपलाइन में सुधार की जरूरत है क्योंकि छोटी पाइपलाइन के कारण इंदिरा कॉलोनी में बढ़ती जनसंख्या के लिए स्थान की कमी हो रही है। गर्मियों में अधिक पानी की समस्या सीवरेज लाइन को प्रभावित कर रही है, जिससे सड़क भी टूटने की संलग्नता में आ रही है।