माइक्रोसॉफ्ट बनकर अमेरिकियों से ठगी, तीन लड़कियों समेत 13 गिरफ्तार!
झुंझुनूं जिले में एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो विदेश में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को ठगने का काम कर रहा था। यह गिरोह माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर सोशल मीडिया पर हेल्पलाइन नंबर डालकर लोगों को झांसे में लाता था। आरोपियों का तरीका बेहद चालाक था, जब कोई व्यक्ति अमेरिका से संपर्क करता तो वे खुद को माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी बताकर बात करते थे और अपनी लोकेशन वॉशिंगटन बताते थे। फिर वे ग्राहक से अल्ट्रा व्यूअर ऐप डाउनलोड करवा लेते थे, जिससे वो उनके लैपटॉप या कंप्यूटर पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेते थे।
पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि यह गिरोह झुंझुनूं के मंडावा में फतेहपुर बाइपास पर स्थित एक होटल में कॉल सेंटर के जरिए अपनी गतिविधियां चला रहा था। मंडावा पुलिस ने अपनी कार्रवाई करते हुए सोमवार को होटल पर दबिश दी, जहां 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य रूप से दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और उत्तर प्रदेश से संबंधित लोग शामिल थे। पुलिस ने उनके पास से 21 लैपटॉप, 21 मोबाइल, हेडसेट और इंटरनेट के लिए राउटर के साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं।
पुलिस ने बताया कि इन ठगों का मुख्य निशाना विदेशी नागरिक, खासकर अमेरिकी नागरिक होते थे। वे ग्राहकों को माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए एक बेहतरीन सेवा का झांसा देते थे, जबकि उनका असली इरादा डेटा चुराना और साइबर ठगी करना होता था। पुलिस को जब इस गिरोह के बारे में सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत एक संयुक्त टीम का गठन किया। टीम में DSP ग्रामीण हरिसिंह धायल, मंडावा थाना इंचार्ज, साइबर पुलिस स्टेशन झुंझुनूं और एसपी ऑफिस के स्टाफ शामिल थे।
जैसे ही पुलिस ने छापा मारा, आरोपियों ने अपने कंप्यूटर पर काम करते हुए पकड़े गए। जांच के दौरान पुलिस ने यह भी पाया कि आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल में अल्ट्रा व्यूअर, माइक्रोसिप, आईबीम जैसे कई रिमोट कंट्रोल ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था। ये लोग अवैध रूप से विदेशी आईपी एड्रेस के माध्यम से कनेक्शन का उपयोग करते थे ताकि उनकी पहचान छिपी रह सके। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन लोगों के पास माइक्रोसॉफ्ट का कोई वैध लाइसेंस नहीं था, जिसके चलते उन्हें भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी अब पुलिस की गहन पूछताछ का सामना कर रहे हैं, जहां पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों से ठगी की है। यह मामला साइबर सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जो यह बताता है कि कैसे साइबर ठग दुनिया भर में नागरिकों को निशाना बनाते हैं। पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने और ऐसे ठगों से बचने के लिए जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया है।









