मेला में गेरियों की धमचक: जेसीबी में योगी बाबा और शिवाजी बने योद्धा!
शीतला सप्तमी के अवसर पर शुक्रवार शाम को पाली शहर के आदर्श नगर में शीतला माता मंदिर के बाहर नगर निगम द्वारा आयोजित शीतला माता मेला अत्यंत भव्य रूप में संपन्न हुआ। इस मेले को देखने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा और वातावरण में एक अद्भुत उत्साह छा गया। मेले के दौरान शीतला माता के दरवाजे पर विभिन्न समाजों के गेरियों ने रौनक बढ़ाते हुए रंग-बिरंगी वेशभूषा में गेर डांस का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित दर्शकों ने ताली बजाकर उनका मनोबल बढ़ाया। नगर निगम ने इस अवसर पर विभिन्न समाजों की द्वारा प्रस्तुत गेर नृत्य के लिए शीतला माता की तस्वीर, झंडा और गुड़ की भेली प्रदान कर सम्मानित किया।
इस मेले में घांची समाज, माली समाज, चौधरी समाज, प्रजापत समाज समेत अन्य कई समाजों के गेरियों ने अपनी प्रस्तुति दी। शीतला माता के दरबार में भजन गायकों ने दिव्य भजनों के माध्यम से माता की स्तुति की, जिससे वातावरण में भक्तिमय रस घुल गया। मेले का कार्यक्रम शाम करीब साढ़े पांच बजे प्रारंभ हुआ, जब विभिन्न समाजों के गेरों का आना शुरू हुआ। नगर निगम ने गेर नृत्य के प्रमुख कलाकारों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की।
मेले में आने वाले आगंतुकों के लिए कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों और खिलौनों की अस्थाई दुकाने भी लगी हुई थीं। शहर का हर परिवार मेला देखने पहुंचा और विभिन्न व्यंजनों का आनंद लेते नजर आया। कुछ लोग परिजनों के साथ आइस्क्रीम का मजा ले रहे थे, तो वहीं कुछ भुजिया, चाट और पकौड़े का स्वाद चखते दिखे। सूरजपोल से लेकर आदर्श नगर शीतला माता मंदिर तक मेलार्थियों की लंबी कतारें नजर आईं, जो इस आयोजन की भव्यता को दर्शा रही थीं।
इस अवसर पर पूरे शहर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल था। माता शीतला की इस महिमा को मनाने के लिए लोग बड़े संख्या में उपस्थित रहे। मेले में शामिल लोगों की smiles और हंसी ने यह सिद्ध कर दिया कि ये धार्मिक आयोजन केवल एक सांस्कृतिक महोत्सव ही नहीं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। मेले की रौनक ने सभी को एकत्रित किया और सामूहिक अनुभव के माध्यम से सभी ने एक-दूसरे के साथ मेलबंदी का आनंद लिया।
इस प्रकार, शीतला माता मेला पाली शहर में पारंपरिक रिवाजों और सांस्कृतिक विविधता का एक अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा, जिसमें नगर निगम ने एक प्रमुख भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर इस शुभ अवसर का जश्न मनाया, जिससे यह आयोजन लोगों के दिलों में हमेशा के लिए एक प्यारा सा यादगार लम्हा बन गया।









