सतलुज में डी-सिल्टिंग पूर्ण, पर आदमपुर फ्लाईओवर और पीएपी प्रोजेक्ट क्यों अधूरे?

**डॉ. हिमांशु अग्रवाल का जालंधर में एक वर्ष का कार्यकाल पूरा**

जालंधर में डिप्टी कमिश्नर के पद पर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने एक वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है। उनकी नियुक्ति के बाद से उन्होंने जालंधर वेस्ट उप-चुनाव, नगर निगम चुनाव और पंचायती चुनाव जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्यों का संचालन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इलाके में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण मीटिंगों का आयोजन किया है। हालांकि, कई विकास कार्य अब भी अधूरे हैं, जिनमें सरफेस वॉटर प्रोजेक्ट और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसे कई प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं हो सके हैं।

**रुकी हुई परियोजनाएं और उनकी चुनौतियां**

आदमपुर फ्लाईओवर, जो 2016 में अकाली दल की सरकार के दौरान शुरू किया गया था, आज भी अधूरा पड़ा है। इसके बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के शासन में भी इस पर कोई विशेष प्रगति नहीं हुई। वही स्थिति एयरपोर्ट अप्रोच रोड की भी है, जहां केवल एक भाग को फोरलेन बनाया गया है, जबकि बाकी हिस्सा अभी भी सिंगल लेन में है। इसके अलावा, पीएपी फ्लाईओवर का विस्तार भी अधूरा है, जिससे अमृतसर जाने वाले ट्रैफिक में लगातार जाम लग रहा है। लद्देवाली फ्लाईओवर के एक हिस्से में हाइटेंशन तारों का आड़ा आना भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

**सतलुज दरिया का डी-सिल्टिंग कार्य और किसान आंदोलन**

सतलुज दरिया की डी-सिल्टिंग प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी। पिछले वर्षों में बाढ़ की समस्या के चलते, किसानों ने नदी में बैठकर इस कार्य को रुकवाने का प्रयास किया। परंतु, डॉ. अग्रवाल की ओर से किए गए प्रयासों के चलते, किसानों के साथ चर्चा कर मिट्टी निकालने का काम आरंभ किया गया। पूर्व के डिप्टी कमिश्नर्स इस कार्य को आगे नहीं बढ़ा सके थे, लेकिन अब यह कदम जालंधर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

**जिला प्रशासन की नई पहल और नागरिक सुविधाएं**

जेडीसी हिमांशु अग्रवाल द्वारा पीसीएस के लिए मुफ्त कोचिंग और चेतना प्रोजेक्ट जैसी नई योजनाओं की शुरुआत की गई है। इन योजनाओं का लाभ सीधे कॉलेज के छात्रों को मिलेगा। इसके अलावा, सेवा केंद्रों में नागरिक सुविधाओं की निरंतर प्रगति की जा रही है, जिसमें नई एसी सेवाएं और अपग्रेडेशन शामिल हैं। ए-टाइप सेवा केंद्र में पुराने टूटी हुई सड़क को इंटरलॉकिंग टाइलों से सजाया गया है, जो नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए एक नई पहल है।

इस प्रकार, डॉ. हिमांशु अग्रवाल के कार्यकाल ने जालंधर के विकास में सकारात्मक दिशा में कई प्रयास किए हैं, लेकिन अब भी कई कार्यों का पूर्ण होना आवश्यक है ताकि जालंधर शहर का समग्र विकास हो सके।