इंग्लैंड पहुंचते ही नवांशहर की पत्नी ने पति-बेटे को छोड़ा, नंबर ब्लॉक कर दिए!
पंजाब के नवांशहर जिले के दुर्गापुर गांव से एक अत्यंत हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक महिला ने विदेश में जाकर अपने परिवार के साथ धोखाधड़ी की है। इस मामले में संबंधित पुलिस ने महिला सुखविंदर कौर और उसकी मां कुलविंदर कौर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। सुखविंदर की शादी मनप्रीत सिंह से वर्ष 2017 में हुई थी। सुखविंदर ने अपने शादी से पूर्व आईलेट्स में 5 बैंड प्राप्त किए थे और विदेश जाने की तीव्र इच्छुक थी। शादी के बाद इस दंपति को एक बेटा भी हुआ।
शादी के बाद सुखविंदर को इंग्लैंड भेजने के लिए उसके ससुरालवालों ने 25 लाख रुपए खर्च किए। इनमें से 16 लाख रुपए उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए जबकि 9 लाख रुपए उसकी मां को नगद दिए गए। हालात यह बने कि इंग्लैंड पहुंचने के केवल दो महीने बाद सुखविंदर ने अपने पति मनप्रीत और ससुराल परिवार के सभी संपर्क नंबरों को ब्लॉक कर दिया, और अपने 4 साल के बेटे से भी संपर्क तोड़ लिया। मनप्रीत के परिवार ने कई बार पंचायत के माध्यम से मामले का समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन हर बार विफलता ही हाथ लगी।
इस गंभीर मामले की शिकायत मनप्रीत के परिवार ने पंजाब पुलिस के एसएसपी को की। इसके बाद मामले की जांच डीएसपी सुरेंद्र चांद को सौंपी गई। दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि सुखविंदर अपने पति और बेटे को इंग्लैंड बुलाएगी या फिर 25 लाख रुपये वापस करेंगी। लेकिन एक साल का समय बीत जाने के बाद भी सुखविंदर ने न तो अपने परिवार को इंग्लैंड बुलाने का प्रयास किया और न ही पैसे लौटाए। इसके चलते मनप्रीत का परिवार बेहद परेशान और न्याय की तलाश में है।
इस मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में जल्दी समाधान प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन वे पूरी कोशिश कर रहे हैं। मनप्रीत और उसके परिवार की स्थिति गंभीर है, क्योंकि वे अपनी पत्नी और बेटे की अनुपस्थिति के कारण emotional distress से गुजर रहे हैं। अब परिवार न्याय की उम्मीद में कानून के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। इस मामले ने समाज में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है – कि क्या एक व्यक्ति अपनी भावनाओं और संबंधों को छोड़कर अपनी स्वार्थी इच्छाओं का पालन कर सकता है? ऐसे मामलों में सामाजिक सहायता और सुरक्षा के लिए किस तरह के उपाय किए जा सकते हैं, यह भी सोचने का विषय है।
यह मामला एक चेतावनी है कि विदेश जाने से पहले हमें अपने परिवारों और संबंधों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध होना चाहिए। नागरिकों में इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और ऐसे मामलों से निपटने के लिए न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।









