फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने 180 चोरी फोन लौटाए, शहीदी सभा के दौरान गिरफ्तार 50 चोर!
फतेहगढ़ साहिब, पंजाब: फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने हाल ही में शहीदी सभा के दौरान खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह शहीदी सभा 15 से 31 दिसंबर के बीच आयोजित हुई थी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया था। इस दौरान भीड़ भाड़ में कई लोगों के फोन खो गए थे या चोरी हो गए थे। पुलिस ने शेष मोबाइलों का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया, जिसमें आईएमईआई ट्रैकिंग और सीआईईआर पोर्टल शामिल थे। एसएसपी डॉ. रवजोत ग्रेवाल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने पहले चरण में 120 मोबाइल फोन और बाद में 60 और मोबाइल फोन वापस प्राप्त किए।
पुलिस ने बरामद किए गए मोबाइल फोनों की सूची जारी करते हुए बताया कि इनमें कई विभिन्न ब्रांडों के फोन शामिल हैं। बरामद किए गए फोनों में सैमसंग के 12, वीवो के 20, ओपो के 14, एक आईफोन, रेडमी के 12 और एक ऑनर का मोबाइल शामिल है। यह सुनकर लोगों में पुलिस की कार्यक्षमता के प्रति एक नई उम्मीद जगी है। इस पूरे अभियान में 15 मामलों में 50 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो पुलिस की मेहनत और लगन को दर्शाता है।
एसएसपी ग्रेवाल ने मीडिया से बात करते हुए लोगों से अपील की कि यदि उनका मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो उन्हें तुरंत नजदीकी सांझ केंद्र में शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। इससे मोबाइल की बरामदगी में तेजी आएगी और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा करना है। इसके लिए पुलिस ने हमेशा तत्पर रहने की कोशिश की है।
इस सफल अभियान में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों जैसे एसपी राकेश यादव, डीएसपी सुखनाज सिंह और डीएसपी हरतेश कौशिक की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन अधिकारियों के समर्पण और मेहनत से यह संभव हुआ कि खोए हुए मोबाइल फोन को दुबारा पाया गया। कार्रवाई में पुलिस की मेहनत को देखकर लोगों ने उनकी सराहना की है और विश्वास जताया है कि पुलिस विभाग हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहेगा।
इस घटनाक्रम ने सामुदायिक भागीदारी की एक मिसाल पेश की है, जिसमें लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपना सक्रिय योगदान दिया है। ऐसे अभियान न केवल खोए हुए सामान को वापस लाने में मदद करते हैं, बल्कि लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ाते हैं। आगामी समय में, पुलिस इस प्रवृत्ति को जारी रखने एवं प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि आम नागरिकों को सुरक्षा का एहसास हो सके।









