सांसद वड़िंग और अमर सिंह लुधियाना पहुंचे, पीएम हाउस से बनती इमरजेंसी मूवी स्क्रिप्ट?

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, साथ ही फतेहगढ़ साहिब के सांसद डॉ. अमर सिंह ने लुधियाना का दौरा किया। उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर के बचत भवन में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सरकार की कई प्रमुख योजनाओं जैसे स्मार्ट सिटी परियोजना, पीएमजीएसवाई, एनएसएपी, और मनरेगा आदि पर चल रही प्रगति की समीक्षा की गई। उपस्थित सांसदों ने योजनाओं की व्यवहारिकता और कार्यान्वयन कार्यों की गंभीरता से चर्चा की ताकि लुधियाना की विकास दर को गति दी जा सके।

राजा वड़िंग ने फिल्म निर्माण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में कुछ फिल्मों का निर्माण राजनीति के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जैसा कि इमरजेंसी के विषय पर बनी फिल्मों के साथ है। उन्होंने खुलासा किया कि ये फिल्में प्रधानमंत्री कार्यालय से लिखित कहानियों के आधार पर बनाई जाती हैं और फिल्म निर्माताओं द्वारा जाने-अनजाने में नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के प्रयास किए जाते हैं। ऐसी फिल्मों से समाज में निराशा और नफरत फैलती है, जिसे लेकर सेंसर बोर्ड और केंद्र सरकार को खास ध्यान रखना चाहिए।

अपनी बात जारी रखते हुए, वड़िंग ने पंजाब सरकार की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, खासकर दिल्ली चुनाव के दौरान। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में गिरावट आई है, जहां कांग्रेसियों के घरों के बाहर दिन-प्रतिदिन ग्रेनेड हमले हो रहे हैं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, उन्होंने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की सुरक्षा पर भी जोर दिया और चेतावनी दी कि यदि उन्हें कुछ हुआ, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

लुधियाना के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर चर्चा करते हुए, वड़िंग ने बताया कि 900 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के बावजूद, लुधियाना में प्रदूषण, भीड़भाड़ और अपर्याप्त सुरक्षा उपायों की समस्या बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में लुधियाना का नाम है, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार द्वारा ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

आगामी लोकसभा सत्र में बुड्डा नाला के मुद्दे को उठाने का आश्वासन देते हुए, वड़िंग ने कहा कि 29 जनवरी को स्मार्ट सिटी परियोजना, बुड्डा नाले पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आवश्यक फंड की मांग की ताकि स्कूलों में दिए जाने वाले भोजन में रिफाइंड तेल का स्थान सरसों के तेल के इस्तेमाल से भरा जा सके। इस पहल को संसद में भी उठाने का इरादा व्यक्त करते हुए, उन्होंने सरकार से ठोस कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया।