पंजाब में MLA के भाई का हमलावर कांड: वकील हड़ताल पर, पुलिस की चुप्पी क्यों?
आज पंजाब में वकीलों की एकजुटता देखने को मिल रही है, क्योंकि प्रदेश भर के वकील आज हड़ताल पर हैं। इसका कारण है फतेहगढ़ साहिब में हाल ही में हुए उस गंभीर हमले का मामला, जिसमें एक वकील पर जानलेवा हमला किया गया था। वकील हसन सिंह पर हमला करने वाले आरोपियों में स्थानीय विधायक गैरी वडिंग का भाई और उसके सहयोगी शामिल थे। इस घटना के बाद से वकीलों के बीच काफी रोष उत्पन्न हुआ है, क्योंकि पुलिस का आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करना उनके लिए चिंताजनक है। मौजूदा समय में खन्ना में वकीलों की हड़ताल पिछले 25 दिनों से जारी है, और आज 16 जनवरी को यह हड़ताल पूरे राज्य में फैल गई है।
फतेहगढ़ साहिब में हुए इस हमले के दौरान, वकील हसन सिंह पर रिवॉल्वर की बट से वार किया गया और उन्हें तेजधार हथियारों से भी गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद वकील को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खन्ना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजप्रीत सिंह अटवाल ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई से बचने के लिए शहीदी सभा में व्यस्त होने का बहाना बनाया है। वकीलों ने डीजीपी पंजाब को पत्र भेजकर इस मामले की गंभीरता के बारे में बताया और एसएसपी से भी मुलाकात की, जिन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे वकील और भी नाराज हो चुके हैं।
हड़ताल के प्रभाव से खन्ना में प्रति दिन 500 से अधिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। यह स्थिति नागरिकों के लिए भी गंभीर समस्या बन गई है, क्योंकि न्याय पाने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। वकील संगठनों के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो उनका संघर्ष और तेज हो सकता है और वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो सकते हैं। लुधियाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन वर्मा ने भी इस समस्या पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यदि पुलिस इंसाफ दिलाने वालों पर ध्यान नहीं दे रही है, तो फिर आम जनता की स्थिति क्या होगी?
वकीलों की इस हड़ताल के पीछे केवल न्याय की मांग नहीं, बल्कि शांति और कानून के शासन की रक्षा की कोशिश भी है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि सत्ताधारी पदाधिकारियों द्वारा मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उनका आक्रोश और भी बढ़ सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या कोई ठोस कदम उठाया जाएगा जिससे कि वकील समुदाय को न्याय मिल सके और इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।









