पंजाब में 22 नशा मुक्ति केंद्र बंद, होशियारपुर अस्पताल सील; लाइसेंस रद्द!

पंजाब में बढ़ते नशा समस्या के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए नशा मुक्ति केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पंजाब के स्वास्थ्य निदेशक के आदेश पर होशियारपुर जिले के दसूहा में स्थित अगम अस्पताल को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार कर्मवीर, एसएमओ डॉ. मनमोहन सिंह, और डीएसपी दसूहा जतिंदर पाल सिंह की निगरानी में पुलिस की एक बड़ी टीम शामिल थी। लगभग पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई में अस्पताल के सभी कर्मचारियों को भवन से बाहर निकालकर दवाइयों के भंडारण और बिक्री से जुड़ी जरूरी दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया।

डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब हेल्थ डायरेक्टर के निर्देशों के अनुक्रम में की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में रखी एडनॉक 0.4 और एडनॉक 0.2 जैसी दवाइयों को अलमारियों में रखकर सील कर दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि स्टाफ को शीघ्र ही अपना जरूरी सामान लेकर जाने की अनुमति दी जाए और कार्रवाई के दौरान उन्हें पुलिस की सुरक्षा में रखा गया।

इस कार्रवाई के पीछे पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की जांच भी एक महत्वपूर्ण कारण है। विजिलेंस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे 22 नशा मुक्ति केंद्रों पर नशा छोड़ने वाली दवाओं के दुरुपयोग के आरोप में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। यह घटना उस समय सामने आई जब डॉ. अमित बांसल द्वारा चलाए जा रहे इन केंद्रों में नकारात्मक गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ। पंजाब स्वास्थ्य निदेशक ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए इन नशा मुक्ति केंद्रों के लाइसेंस निलंबित करने और इन्हें सील करने का आदेश जारी किया।

पंजाब में कुल 22 नशा मुक्ति केंद्रों के बारे में जानकारियां सामने आई हैं, जहां मरीजों को बुप्रेनोरफिन और नालॉक्सोन की गोलियां दी जाने की बात कही जा रही थी। हालाँकि, विजिलेंस की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन दवाओं का दुरुपयोग किया जा रहा था और इन्हें उन व्यक्तियों को बेचा जा रहा था जो इन नशा मुक्ति केंद्रों की सूची में शामिल नहीं थे। डॉ. बांसल की संचालित सहाल नशा मुक्ति केंद्र की एक वीडियो वायरल होने के बाद तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर जालंधर ने मामले में पुलिस कार्रवाई करने के लिए एफआईआर भी दर्ज करवाई थी।

आगे की कार्रवाई में सहज नशा मुक्ति केंद्र की जांच के दौरान वहां से 1,44,000 गोलियां कम पाई गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित केंद्र के ऑनलाइन पोर्टल को फ्रीज कर दिया गया। यह सभी घटनाएँ पंजाब में नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी की आवश्यकता को दर्शाती हैं, ताकि ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और मदद की आवश्यकता रखने वाले लोगों को सही तरीके से राहत मिल सके। पंजाब के विभिन्न जिलों में चल रहे अन्य नशा मुक्ति केंद्रों की सूची भी तैयार करने का कार्य किया जा रहा है, ताकि किसी भी अनियमितता को समय रहते पकड़ा जा सके।