गुमटाला चौकी विस्फोट रहस्य: एसएसओसी व एजेंसियां फुटेज से सुराग ढूंढ रही हैं!

**भास्कर न्यूज | अमृतसर:** गुमटाला पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले की घटना को लेकर पुलिस ने आरोपियों का सुराग पाने के लिए कई अलग-अलग टीमों का गठन किया है। हालांकि पुलिस इस हमले की संभावना को नकार रही है, लेकिन इस गंभीर मामले के संदर्भ में विभिन्न सुरागों की छानबीन जारी है। एसीपी शिवदर्शन ने पिछले दिनों बताया था कि घटना स्थल पर केवल कार के रेडिएटर के फटने की बात कही गई थी, लेकिन इस बयान के बाद पुलिस ने अपनी जांच में तेजी लाते हुए वेरका बाइपास से लेकर अटारी हाईवे तक लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने आसपास के पेट्रोल पंपों पर भी लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने का काम शुरू किया है। इस दौरान कुछ पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि पुलिस शुक्रवार सुबह उनके पास आई थी और उन्होंने फुटेज की जांच करने के बाद वीडियो अपने साथ ले लिया है। हालांकि, इन कर्मचारियों ने सीसीटीवी फुटेज को किसी अन्य को दिखाने से मना कर दिया, जिससे यह साफ होता है कि पुलिस की जांच में कुछ रहस्य छिपा हुआ है। पुलिस द्वारा बारीकी से की गई यह जांच हैप्पी पशियां द्वारा इस हमले की जिम्मेदारी लिए जाने के बाद और भी आवश्यक हो गई है।

गुमटाला चौकी के बाहर हुए इस धमाके की जांच में राज्य विशेष संचालन सेल और अन्य एजेंसियों की टीमों को भी शामिल किया गया है। वीरवार रात को उच्च अधिकारियों की बैठक में स्थिति का संज्ञान लेते हुए लगभग 7 सक्षम टीमों का गठन किया गया है, जो आरोपियों की पहचान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इस टीमों को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है ताकि किसी भी संभावित सुराग को पकड़ने में मदद मिल सके।

वहीं, स्थानीय कार रिपेयर फर्म के मालिक का यह कहना है कि ठंड के मौसम में कार के रेडिएटर में धमाके की संभावना बहुत कम होती है। ऐसे में गुमटाला चौकी के बाहर की इस घटना ने साक्ष्यों पर उठ रहे सवालों को और भी पेचीदा बना दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ओर से जारी जांच की सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।

यह मामला न केवल अमृतसर बल्कि पूरे पंजाब में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो गया है कि क्या वास्तव में यह कोई साजिश का हिस्सा है या एक साधारण घटना। ऐसे में पुलिस की तत्परता और उनकी छानबीन इस बात का संकेत देती है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और दीर्घकालिक समाधान खोजने के प्रयास में जुटे हुए हैं। आगे की जांच और कार्रवाई में क्या अपडेट सामने आते हैं, यह देखना काफी दिलचस्प होगा।