पाकिस्तान से निर्देशित लुधियाना धमाके का खुलासा: NIA ने 4 की संपत्ति जब्त की!

पंजाब के लुधियाना में 2021 में हुई कोर्ट परिसर में बम विस्फोट की घटना को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। NIA ने इन सभी आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने का निर्णय लिया है। यह विस्फोट 23 दिसंबर 2021 को हुआ था, जिसमें आईईडी का इस्तेमाल किया गया था और इसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक का नाम गगनदीप सिंह था, जबकि इस घटना में छह अन्य लोग घायल हुए थे। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए, NIA ने मोहाली स्थित विशेष अदालत के आदेश पर यह कार्रवाई की।

NIA द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में चार आरोपियों की जमीनें शामिल हैं। इनमें सुरमुख, दिलबाग सिंह बग्गो, हरप्रीत सिंह हैप्पी और राजनप्रीत सिंह के नाम हैं। सुरमुख की जमीन कुल 15 कनाल 19 मरला है, दिलबाग सिंह की 27 कनाल 16 मरला, हरप्रीत सिंह की 27 कनाल 1 मरला और राजनप्रीत सिंह की 15 कनाल 18 मरला भूमि शामिल है। एजेंसी की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस बम विस्फोट का आदेश पाकिस्तान में स्थित इंटरनेशनल यूथ फेडरेशन (ISYF) के प्रमुख लखबीर सिंह रोडे ने दिया था।

बम विस्फोट की घटना के बाद, लुधियाना के राजकोट गांव की संदीप कौर (31 वर्ष) और जमालपुर की शरणजीत कौर (25 वर्ष) को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह, पुलिस कॉलोनी के निवासी मनीष कुमार (32 वर्ष) को CMC लुधियाना में भर्ती किया गया। अन्य घायलों में कुलदीप सिंह मंड (50 वर्ष) और कृष्ण खन्ना (75 वर्ष) भी शामिल हैं, जिनका इलाज DMC लुधियाना में चल रहा है। इसके अतिरिक्त, मौके पर एक अन्य व्यक्ति भी घायल पाया गया।

धमाका लुधियाना कोर्ट परिसर के तीसरे मंजिल स्थित बाथरूम में हुआ। विस्फोट की वजह से बाथरूम की दीवारें गिर गईं और फर्श दूसरी मंजिल तक टूट गया। इस विस्फोट के बाद, पुलिस ने बाथरूम से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह शव उस व्यक्ति का था जो बम को फिट कर रहा था, और विस्फोट के समय उसकी मौत हुई। फोरेंसिक टीम ने शव के धड़, टांगों और सिर को इकट्ठा किया। जानकारी के अनुसार, मृतक के पास ही विस्फोटक सामग्री पाई गई थी, जिससे यह निश्चित होता है कि वह बम लगाने की कोशिश कर रहा था जब अचानक धमाका हो गया।

यह मामला ना केवल लुधियाना बल्कि पूरे पंजाब में गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। एनआईए की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि वे आतंकवाद के खिलाफ अपनी सक्रियता को बढ़ा रहे हैं और किसी भी स्थिति में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और सतर्कता को उच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।