हरियाणा पर राजस्थान की जल चोरी का आरोप, पंजाब सरकार ने पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग!
पंजाब सरकार के जल संसाधन विभाग के हालिया आंकड़ों के अनुसार, भाखड़ा नहर द्वारा राजस्थान को छोड़े जा रहे पानी का इस्तेमाल हरियाणा अपने हिस्से से अधिक कर रहा है। यह जानकारी तब सामने आई जब पंजाब ने राजस्थान को 15 दिनों में पानी की माप के आंकड़े प्रस्तुत किए। पंजाब ने राजस्थान सरकार को इस मामले में एक पत्र भी लिखा है, जिसमें स्थिति को स्पष्ट किया गया है।
दरअसल, हाल ही में चंडीगढ़ में हुई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में राजस्थान से यह मुद्दा उठाया गया था। राजस्थान सरकार ने शिकायत की थी कि हरियाणा भाखड़ा मेन लाइन से उचित मात्रा में पानी नहीं छोड़ रहा है। वहीं, हरियाणा के अधिकारियों ने यह दावा किया था कि पंजाब उन्हें अपेक्षाकृत कम पानी उपलब्ध करा रहा है, जिसके चलते वे राजस्थान को भी जल संकट का सामना करवा रहे हैं। राजस्थान ने इस संघर्ष के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की थी।
पंजाब सरकार ने अपने पत्र में बताया है कि भाखड़ा मेन लाइन से लेकर हरियाणा के प्रवेश बिंदु तक कुल 390 पॉइंट हैं। जल संसाधन विभाग ने 1 से 15 नवंबर के बीच पानी की माप की, जिसके दौरान हर दिन भाखड़ा से 6062 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि राजस्थान की आवश्यकता 623 क्यूसेक हर दिन थी, परंतु उन्हें केवल 423 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। इससे स्पष्ट है कि राजस्थान को औसत रूप से 199 क्यूसेक पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
इस जल विवाद का असर केवल राजस्थान और हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि और स्थानीय निवासियों के जीवन पर भी गहरा प्रभाव डालता है। पानी की कमी के चलते राजस्थान में फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे किसानों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसानों को अपने खेतों के लिए आवश्यक पानी की सही मात्रा नहीं मिल पाने का डर है, जिससे उनकी फसलें सूख सकती हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए सभी संबंधित राज्यों के बीच संवाद और सहमति आवश्यक है। सरकारों को इस मुद्दे को सभी पक्षों के हित में हल करने के लिए प्रयास करना चाहिए। जैसे-जैसे जल संकट की गंभीरता बढ़ रही है, सभी राज्यों को इसे गंभीरता से लेकर जल स्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग करना होगा। इस प्रकार का सहयोग न केवल जल विवाद को सुलझाने में मदद करेगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों की जीवनशैली को भी बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।









