पठानकोट नहर हादसा: बेटी ढूबी, ASI पिता बचाए गए; धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे
पठानकोट के जसवाली गांव के नजदीक आज एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक कार यूवीडीसी नहर में गिर गई। इस घटना में एक पिता और उसकी बेटी सवार थे, जिनमें से बेटी की दुखद मौत हो गई। घटना के समय कार में सवार लोग गुरुद्वारा श्री बारठ साहिब में मत्था टेक कर अपने घर लौट रहे थे। स्थानीय निवासियों की तत्परता से दोनों को कार से बाहर निकालने का प्रयास किया गया, जिसमें पिता को गंभीर हालत में बचा लिया गया, लेकिन बेटी की जान नहीं बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब उनकी सफेद रंग की आई-20 कार (अनुक्रमांक PB-18X4312) जसवाली गांव के पास यूवीडीसी नहर में गिरी। बताया जा रहा है कि बाप-बेटी दोनों बटाले निवासी थे। पिता, जो स्थानीय पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं, को स्थानीय लोगों ने जल्द ही नहर से बाहर निकाल लिया, जबकि बेटी, जिसकी उम्र करीब 18 वर्ष थी, डूबने के कारण अपनी जान गंवा बैठी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जिला प्रशासन की सहायता से नहर का पानी बंद करवाया। इसके बाद क्रेन की मदद से कार को सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया गया। एसएसपी पठानकोट, दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव जसवाली के पास एक कार नहर में गिर गई है, जिसमें पिता और बेटी सवार थे। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय लोगों ने पिता को तो बचा लिया, लेकिन बेटी को बचा नहीं सके।
पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नहर में कार कैसे गिरी। इस हादसे ने स्थानीय समुदाय में बड़ा शोक फैलाया है, और लोग इस विनाशकारी घटना की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को भी महसूस किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर से सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है। लोग अक्सर धार्मिक स्थलों की यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं करते, जिससे ऐसी घटनाएं घटित हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की कोशिश है कि इस प्रकार के हादसों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और समुदाय में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए।









