पंजाब सांसद चन्नी के विवादित बयान पर हंगामा, महिला आयोग से नोटिस जारी

पंजाब में आगामी चार विधानसभा सीटों पर उपचुनावों हेतु चुनाव प्रचार तेज़ी से चल रहा है। इस बीच जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी का एक विवादास्पद बयान चर्चा का विषय बन गया है। चन्नी ने गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अमृता वड़िंग के प्रचार के दौरान एक कहानी सुनाई, जिसमें उन्होंने जट समुदाय और भाजपा व आम आदमी पार्टी के नेताओं की तुलना की। चन्नी ने कहा कि जट की दो पत्नियां हैं, जो एक-दूसरे का अपमान करती हैं, और यही स्थिति भाजपा और आम आदमी पार्टी की है। इस बयान पर पंजाब महिला आयोग ने चन्नी को नोटिस जारी किया है और उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए बुलाया है।

पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने चन्नी की सोच पर कड़ी टिप्पणी की है और उन्हें महिलाओं के प्रति उनकी गलत धारणा के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने उल्लेख किया कि चन्नी का यह रवैया नया नहीं है, बल्कि यह पहले से चला आ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आश्चर्यजनक बात यह है कि इस पर अमृता वड़िंग ने कोई विरोध नहीं किया, जबकि उन्हें वहाँ एक महिला उम्मीदवार के तौर पर चुप नहीं रहना चाहिए था। आयोग ने चन्नी को 11 बजे तक चंडीगढ़ में उपस्थित होने का आदेश दिया है, नहीं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार डिंपी ढिल्लों ने चन्नी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनका यह बयान महिलाओं के प्रति अपमानजनक है। ढिल्लों ने यह भी कहा कि चन्नी की सोच उस समय सामने आई जब अमृता वड़िंग उनके बगल में खड़ी थीं, और यह दर्शाता है कि कैसे एक वरिष्ठ नेता खुद को सही साबित करने के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग कर सकता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता आशुतोष तिवारी ने भी चन्नी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह उनके जातिवादी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।

चरणजीत सिंह चन्नी का यह बयान एक नई बहस को जन्म दे रहा है, जिसमें वे एक पंडित और जट कुत्तों के माध्यम से राजनीतिक व्यंग्य कर रहे हैं। चन्नी ने अपने कथन में कहा कि जट कुत्ते का जीवन बड़े ही सम्मान के साथ गुजर रहा है, जो कि उनके जट समुदाय की दो पत्नियों के बीच के आपसी विवाद पर आधारित है। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे चन्नी की छवि को ठेस पहुंची है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब का राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। पिछले कुछ वर्षों में चन्नी विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले भी उन्होंने महिला IAS अधिकारी को आपत्तिजनक संदेश भेजने के लिए माफी माँगी थी। ऐसे में इस नए विवाद ने उनके राजनीतिक भविष्य को संदिग्धता में डाल दिया है। उपचुनावों के चलते यह मुद्दा राजनीतिक दलों के बीच में एक महत्वपूर्ण वार्ता का विषय बन गया है और सभी पार्टियों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि इस समय चन्नी पर कार्रवाई की मांग भी उठने लगी है।