धुंध में घिरी लुधियाना: उप-राष्ट्रपति धनखड़ की फ्लाइट अमृतसर उतरी, PAU दौरा रद्द!

पंजाब में धुंध के कारण दृश्यता में कमी आने की वजह से भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उड़ान को लुधियाना की बजाय अमृतसर एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। आज उनका कार्यक्रम लुधियाना में निर्धारित था, लेकिन अत्यधिक खराब मौसम के चलते उपराष्ट्रपति लुधियाना नहीं पहुंच सके। इसके फलस्वरूप, उनका निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। मंगलवार दोपहर अचानक इस स्थिति के चलते उपराष्ट्रपति धनखड़ का विमान अमृतसर में उतारना पड़ा, जिसकी सूचना पहले से ही अमृतसर के जिला आयुक्त कार्यालय को दे दी गई थी।

इस सूचना के बाद जिला आयुक्त साक्षी साहनी और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर तुरंत एयरपोर्ट की ओर निकल पड़े। वीआईपी मूवमेंट के चलते रनवे को खाली करने का आदेश दिया गया ताकि उपराष्ट्रपति का विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर सके। अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद, उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों के साथ औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान, विमान की रीफ्यूलिंग भी की गई, जिससे बाद में उनका विमान इंदौर के लिए रवाना हो सका।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होना था। इस कार्यक्रम में उनके साथ ही पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उपस्थित थे। जब उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम को रद्द किया गया, तब राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करने का कार्य संभाला। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 400 से अधिक स्कॉलर उपस्थित थे, जो विभिन्न विषयों पर अपना ज्ञान साझा करने के लिए एकत्रित हुए थे।

विज्ञप्तियों के अनुसार, धुंध के चलते कई उड़ानें प्रभावित होती हैं, जो यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बन जाती है। अगर बात इस घटना के संदर्भ में की जाए, तो पंजाब में मौसम की स्थिति ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को काफी प्रभावित किया। उपराष्ट्रपति की अनुपस्थिति ने सम्मेलन की कार्यवाही पर कुछ हद तक असर डाला, लेकिन राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अपना योगदान देकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की कोशिश की। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि मौसम की अनिश्चितता कभी-कभी हमारे कार्यक्रमों पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है।

आखिरकार, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का लुधियाना न पहुंच पाना एक असामान्य स्थिति थी, लेकिन इसकी अच्छी प्रबंधन के लिए अमृतसर एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अपनी भूमिका निभाई। यह घटना न केवल प्रशासनिक तैयारियों की परीक्षा थी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे परिस्थितियों का सामना करते हुए व्यवस्थाएं जारी रखी जा सकती हैं।