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भोपाल एम्स के सामने अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, तीन मंजिला भवन का अवैध हिस्सा तोड़ा गया

भोपाल, 06 मई । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एम्स गेट-3 के सामने स्थित तीन मंजिला भवन पर नगर निगम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से निर्मित अतिरिक्त हिस्से को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें बीती 27 मार्च को भवन का छज्जा गिरने से 8 लोग घायल हो गए थे।

करीब 35 वर्ष पुरानी इस इमारत में नियमों के विरुद्ध अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि भवन में अनुमति से अधिक निर्माण कर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जबकि मूल रूप से यह रेसिडेंशियल प्लॉट था। नगर निगम ने बताया कि भवन को वर्ष 2014 में केवल ग्राउंड प्लस एक मंजिल (G+1) की अनुमति दी गई थी, जिसके बाद अनधिकृत रूप से ग्राउंड प्लस दो मंजिल (G+2) का निर्माण कर कंपाउंडिंग भी करा ली गई थी। बावजूद इसके, तीसरी मंजिल का निर्माण कार्य जारी था, जो पूरी तरह अवैध पाया गया।

घटना के बाद हुई जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि निर्माण के दौरान सेंट्रिंग की बल्ली सही तरीके से नहीं लगाई गई थी, साथ ही छज्जा अनुमति से अधिक बाहर निकाला गया था, जिससे उसकी संरचनात्मक मजबूती कमजोर हो गई और 27 मार्च को अचानक वह गिर पड़ा। हादसे में मनोज कुमार (56), नंदनी (23), अभय (52), तनुश्री (17) और सोम प्रकाश (61) सहित कुल 8 लोग घायल हुए थे, जिनमें नंदनी गंभीर रूप से घायल हुई थीं। हादसे के दौरान कई वाहन भी मलबे की चपेट में आ गए थे।

नगर निगम ने जनवरी 2026 और 13 मार्च 2026 को भवन मालिक अनिल सिंह को दो बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहा। हादसे के बाद निगम ने तत्काल प्रभाव से निर्माण की अनुमति निरस्त कर दी और बुधवार को अतिरिक्त निर्माण को जमींदोज करने की कार्रवाई की। नगर निगम के अनुसार लगभग 2400 वर्ग फीट के प्लॉट पर करीब 4000 वर्ग फीट तक निर्माण किया गया था, जबकि अनुमत सीमा कंपाउंडिंग सहित लगभग 3300 वर्ग फीट थी। इस तरह करीब 700 वर्ग फीट अतिरिक्त निर्माण अवैध रूप से पाया गया। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।