लुधियाना में पहुंचे मंत्री तरूणप्रीत: विश्वकर्मा मंदिर को 5 लाख, महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित!

लुधियाना में पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम जीटी रोड स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित किया गया। मंत्री सौंध, जो स्वयं उद्योग क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, ने भगवान विश्वकर्मा जी को शिल्पकार और इंजीनियरिंग के निर्माता के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जी के आशीर्वाद से वैश्विक औद्योगिक और बुनियादी ढांचे का विकास संभव हुआ है।

पंजाब सरकार ने भगवान विश्वकर्मा के मंदिर के रखरखाव के लिए 5 लाख रुपए की अनुदान राशि की घोषणा की है। सौंध ने बताया कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। इसका लक्ष्य युवा पीढ़ी को भगवान विश्वकर्मा की शिक्षाओं से प्रेरित कर उन्हें आत्म-सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है। मंत्री सौंध ने भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का सर्वोच्च वास्तुकार बताते हुए उनके योगदान को याद किया।

इस अवसर पर मंत्री सौंध के साथ विधायक अशोक पाराशर पप्पी, जिला उपायुक्त जितेंद्र जोरवाल और अन्य कई प्रमुख व्यक्ति भी उपस्थित थे। उन्होंने कार्यक्रम में उद्योग जगत के कई प्रमुख उद्यमियों जैसे अवतार सिंह बिरदी, रघबीर सिंह सेम्बी, जगीर सिंह, परमजीत सिंह, और अन्य को विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया। इस सम्मान से न केवल उद्योगपतियों की मेहनत को सराहा गया, बल्कि यह भी दिखाया गया कि इंडस्ट्री में उनके योगदान को कितना महत्व दिया जाता है।

इसके अलावा, कार्यक्रम में जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गईं, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। मंत्री सौंध ने कहा कि यह पहल न केवल कौशल विकास की दिशा में एक कदम है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता भी प्रदान करती है। इस प्रकार, यह कार्यक्रम न सिर्फ उद्योग व कलाकारी की मान्यता है, बल्कि समाज में व्याप्त विभिन्न समस्याओं का समाधान भी खोजने की कोशिश है।

इस कार्यक्रम ने पंजाब की संस्कृति, कारीगरी और उद्यमिता को एक नई दिशा दी है। मंत्री सौंध ने सभी भूमि पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात की और इस दिशा में सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल जिला बल्कि समूचे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास की गति तेज हो सके।