बरनाला में हलचल: बीकेयू उगराहां करेगी प्रत्याशियों के घरों का घेराव, धरना प्रदर्शन की तैयारी!
बरनाला में भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने धान की समस्या को लेकर अपनी गतिविधियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है। संगठन ने पंजाब विधानसभा के उप-चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रत्याशियों के आवासों के बाहर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस निर्णय की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह उगराहां ने कहा कि पिछले कुछ समय से उनकी पार्टी पंजाब में 50 विभिन्न स्थानों पर स्थायी मार्च कर रही है। उन्होंनेे स्पष्ट किया कि अब से वे अपने धरना स्थलों को स्थानांतरित कर देंगे और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर स्थायी मोर्चा शुरू करेंगे।
उगराहां ने बताया कि बरनाला में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरिंदर धालीवाल का कोई व्यक्तिगत आवास नहीं है, बल्कि उनका चुनावी अभियान सांसद मीत हेयर के घर से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, उगराहां ने सावधान किया कि सांसद के निवास के सामने उनका धरना और अधिक संगठित और तेज किया जाएगा। उन्होंने धान की खराब खरीद व्यवस्था, डीएपी खाद की कमी और पराली जलाने की समस्या के लिए सीधे तौर पर केंद्र और पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
किसान नेता ने आगे कहा कि धान की पराली में आग लगाना किसानों के लिए मजबूरी बन गई है। यदि प्रशासन गांवों में पराली को जलाने वाले किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की कोशिश करेगा, तो उनका संगठन इसका सख्ती से विरोध करेगा और सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हक की रक्षा के लिए उनकी यूनियन किसी भी प्रकार के दमन के खिलाफ खड़ी होगी।
इस प्रकार, भारतीय किसान यूनियन उगराहां की यह योजना राजनीतिक दबाव बनाने और केंद्र व राज्य सरकारों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। संगठन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों की आवाज सुनी जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। किसानों का मानना है कि यदि उनकी कठिनाइयों को नजरअंदाज किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
संक्षेप में कहा जाए तो, बरनाला में किसानों की यह सक्रियता आगामी विधानसभा उप-चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है, जिससे सरकारों को उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। जोगेंद्र सिंह उगराहां ने यह भी कहा कि उनके संगठन की संकल्पना स्पष्ट है; किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनकी धान की फसल से संबंधित समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी।










