अधिकारी एवं कर्मचारी सुशासन का हैं मुख्य घटक : संजय रत्न
अधिकारी एवं कर्मचारी सुशासन का हैं मुख्य घटक : संजय रत्न
सोलन, 28 अक्टूबर (हि.स.)। स्थानीय निधि लेखा समिति के सभापति एवं ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने कहा कि सुशासन सामूहिक उत्तरदायित्व है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सुशासन का मुख्य घटक हैं। संजय रत्न आज यहां स्थानीय निधि लेखा समिति की सोलन ज़िला में कार्यरत विभिन्न विभागों, संस्थानों, निगमों एवं प्राधिकरण के साथ लेखा के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
संजय रत्न ने कहा कि तथ्यो के साथ उपलब्ध जानकारी धनराशि का उचित उपयोग सुनिश्चित बनाती है और यह निर्धारित किया जाना चाहिए कि समिति के समक्ष दी गई जानकारी तथ्यपरक हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा की समिति को दी गई जानकारी प्रदेश सरकार को सही सुझाव प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने कहा कि समिति ने गत चार दिनों में शिमला, सिरमौर तथा सोलन ज़िलों का दौरा कर न केवल वित्तीय संसाधनों की जानकारी प्राप्त की है अपितु सभी विभागों को विभिन्न लेखा आपत्तियों को समय पर समायोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि धन का समयबद्ध उपयोग आमजन को समय पर सुविधा प्रदान करने में सहायक है। समिति ने विभिन्न विभागों, निगमों, संस्थानों एवं स्वायत्त संस्थाओं को निर्देश दिए कि लम्बित लेखा आपत्तियों को समयबद्ध सीमा में सुलझाएं और यह सुनिश्चित बनाएं कि धनराशि उचित मद पर खर्च हो।
समिति ने उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए कि नगर निगम सोलन सहित ज़िला की सभी नगर परिषदों और नगर पंचायतों की लम्बित लेखा आपत्तियों के समायोजन और धनराशि के उचित उपयोग के विषय में बैठक कर मामले सुलझाएं और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। समिति ने उपायुक्त सोलन को नगर निगम सोलन तथा जल शक्ति विभाग के मध्य पेयजल वितरण एवं बिल के मामले को सुलझाने के निर्देश भी दिए।
समिति ने ए.पी.एम.सी. सोलन को निर्देश दिए कि सोलन तथा परवाणू स्थित फल मण्डी में बागवानों की सुविधा के लिए उचित अधोसंरचना स्थापित करें ताकि हिमाचल के बागवान यही अपना उत्पाद सुविधा के साथ विक्रय कर सकें।
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