फाजिल्का में 3 ड्रग तस्कर दबोचे: खेती के बहाने करोड़ों की हेरोइन के संग धरा गया!
फाजिल्का पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करोड़ों रुपये की हेरोइन जब्त की गई है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में एक आरोपी, दर्शन सिंह, की कृषि योग्य भूमि पाकिस्तान की सीमा के निकट स्थित है। दर्शन अपने खेतों की देखरेख के नाम पर नियमित रूप से सीमा पार जाता था, जहां उसकी तस्करों के साथ संपर्क साधने की योजना थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान, दर्शन और उसके दो सहयोगियों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
उप कप्तान पुलिस जांच बलकार सिंह ने बताया कि नशे की अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में इंस्पेक्टर रुपिंदर पाल सिंह की अगुवाई में सीआईए-2, फाजिल्का की टीम ने गांव राणा के निकट गश्त करने के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोका। जब इन लोगों की जांच की गई, तो उनके कब्जे से 531 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। शुरुआती जांच में आरोपियों की पहचान बगीचा सिंह, राजेंद्र सिंह और दर्शन सिंह पुत्र मक्खन सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि दर्शन सिंह की भूमि पाकिस्तान के सीमा क्षेत्र से जुड़ती है। वह सीमापार जाते समय आढ़त और खेती के बहाने स्मगलरों से संपर्क करते हुए हेरोइन की तस्करी करता था। इस संज्ञान में आते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हेरोइन की इतनी बड़ी मात्रा के साथ पकड़ाए जाने पर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आगे की जांच की कार्यवाही शुरू कर दी है।
अभी फिलहाल आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है, जिससे आगे की तफतीश की जा सके। रिमांड मिलने के बाद पुलिस को यह आशा है कि वह इस मामले में और भी जानकारी हासिल कर सकेगी, साथ ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने में भी सफल होगी। फाजिल्का पुलिस का यह अभियान दर्शाता है कि वे नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई में कितनी गंभीरता से काम कर रहे हैं और तस्करी को रोकने के लिए एक ठोस रणनीति बना रहे हैं।
निष्कर्षस्वरूप, इस मुठभेड़ ने एक बार फिर साप्रदायिक तस्करी के नेटवर्क की जटिलता को उजागर किया है और यह स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ संघर्ष में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ जाली तस्करी के खिलाफ एक कदम है, बल्कि यह समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने में भी सहायक साबित होगी।









