होशियारपुर में किसानों का हंगामा: धान खरीद की मांग पर नेशनल हाईवे पर जाम!

होशियारपुर जिले के किसानों ने धान की खरीद और आढ़तियों द्वारा मनमर्जी से की जा रही कटौतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने दसूहा में जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। हाजीपुर चौक पर तंबू लगाकर किसानों ने धरने का ऐलान किया और उन्होंने इसे चार घंटे तक जारी रखने का निर्णय लिया। इस दौरान किसानों ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

इस धरने के कारण जालंधर से पठानकोट की दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ दसूहा-तलवाड़ा रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। चार घंटे बाद भी धरना समाप्त न होता देख, वाहन चालकों ने आसपास के गांवों के रास्तों से निकलने का प्रयास किया। किसानों की प्रस्तुति में शामिल पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान, सहित कई अन्य किसान नेता भी उपस्थित थे।

किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार की नीतियों के भट्टे पर पंजाब का किसान पिछले 20 दिनों से अपनी लाखों टन धान की फसल को लेकर बैठा हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि समय पर खरीद न करने और लिफ्टिंग में हो रही देरी के कारण फसल खेतों में अधिक समय तक पड़ी रहने से खराब होने लगी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि उनकी फसल की सही समय पर खरीद हो सके।

किसान नेताओं में जगदीप सिंह गिल, वकीत अमनदीप सिंह घुम्मन, मक्खन सिंह, सत्तू झिंगड़, सुखविन्द्र सिंह गालोवाल के अलावा कई अन्य नेता भी शामिल थे, जिन्होंने किसानों के लिए न्याय की मांग की। उनका कहना था कि अगर सरकार ने जल्दी ही कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे और भी बड़े स्तर पर संघर्ष करने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत का सही मोल उन्हें मिलना चाहिए और वे अपनी फसलों को बर्बाद होते नहीं देख सकते।

इस प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन के समक्ष यह स्पष्ट संदेश पहुंचाया है कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और वे जब तक उचित समाधान नहीं मिलता, तब तक उनके संघर्ष जारी रहेंगे। पंजाब के कृषक समुदाय को उनकी बुनियादी जरूरतों का ध्यान दिए बिना सता प्रतिष्ठान की ओर से की जा रही अनदेखी स्वीकार नहीं है, और किसान अब एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।