लुधियाना: थाने के पास कंस्ट्रक्शन ठेकेदार पर पैसों की धांधली को लेकर हमला!

पंजाब के लुधियाना में एक कंस्ट्रक्शन ठेकेदार पर बर्बर हमला हुआ है, जिसमें कुछ संदिग्ध व्यक्तियों ने उसे जमालपुर चौक के निकट तेजधार हथियारों से लक्ष्य बनाया। यह घटना जमालपुर थाने से केवल 100 मीटर की दूरी पर हुई, जहां पीड़ित को सरेआम बुरी तरह पीटा गया। हमले में गंभीर रूप से घायल ठेकेदार को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को नाजुक देखते हुए उसे सीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया। इस हमले में ठेकेदार तारा सिंह के सिर पर कुल 25 टांके लगे हैं और उसके सिर पर दो जगह से गंभीर चोटें आई हैं।

घायल ठेकेदार तारा सिंह ने बताया कि उसके दोस्त ज्ञान चंद ने उसे फोन करके कहा था कि जमालपुर थाना में पुलिस अधिकारी साहिब सिंह ने उन्हें बुलाया है। दरअसल, ज्ञान चंद का कुछ स्थानीय लोगों के साथ जमीन की बिक्री के बाद पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। उन्होंने ज्ञान चंद के साथ धोखाधड़ी की थी, जिसके अंतर्गत 15 लाख रुपए के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाने के बावजूद केवल 8 लाख रुपए ही उन्हें दिए गए। इस मामले को लेकर वे थाने में बातचीत करने गए थे, लेकिन जब मामला सुलझ नहीं सका, तो वापस लौटते समय उन लोगों ने जमालपुर चौक पर अचानक हमला बोल दिया।

तारा सिंह ने ये भी स्पष्ट किया कि यह हमला राजनीतिक संरक्षण पर हुआ प्रतीत होता है, जिसके चलते उसने थाना मोती नगर में हमलावरों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उसने पुलिस से अनुरोध किया है कि वे सीसीटीवी फुटेज की जांच करके हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करें। चौंकाने वाली इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल पैदा किया है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि कानून व्यवस्था में वीभत्स खामियां हैं।

थाना मोती नगर की पुलिस ने घटना की गंभीरता को समझते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे सभी पहलुओं की बारीकी से छानबीन करेंगे और हमलावरों का जल्द पता लगाने की कोशिश करेंगे। स्थानीय निवासियों को इस मामले पर गहरी चिंता है, क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इस हमले ने शहर में आपराधिक तत्वों के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है।

सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इस घटना की निंदा की है, और मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार के हमलों की पुनरावृत्ति न हो। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की व्यक्तिगत सुरक्षा का सवाल है, बल्कि समाज के समक्ष सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करती है।