रतलाम: आध्यात्मिक शक्ति का महाशतावधान कार्यक्रम 20 को
रतलाम: आध्यात्मिक शक्ति का महाशतावधान कार्यक्रम 20 को
रतलाम, 14 अक्टूबर (हि.स.) आत्मशक्ति के महाशता्धान कार्यक्रम के माध्यम से जैन मुनि चंद्र प्रभचंद्रसागर जी बीस अक्टूबर को एक साथ सुनी हुई या देखी हुई दोसो चीजों कोयाद रखने की अद्भुत विद्मा से अवगत कराएंगे।
श्री सरस्वती साधना रिसर्च फाउंडेशन द्वारा श्री देवसूर तपागच्छ जैन श्री संघ गुजराती उपाश्रय श्रीमशक्संघ, श्रीऋषभदेवजी केशरीमल जी जैन श्वेतांबर पेढी महाशतावधान समिति द्वारा यह आयोजन चंपाविहार में प्रातः 9 बजे से आयोजित किया गया है जिसमें करीब दोहजार लोगों के समक्ष एक साथ पूछे गये 200 सवाल केवल एक बार ही सुनकर याद रख लेगे और फिर क्रमशः उसके उत्तर भी देगे।
पत्रकार वार्ता में पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों का जवाब देते हूए जैन मुनि ने बताया कि आज मनुष्य विस्मरनशील बनता जा रहा है एसे में यह आयोजन समस्त मानव सभ्यता के लिए एक न ई आशा की किरण बनेगा।
उन्होंने ने बताया कि आचार्य नय चंदसागर सूरीश्वर जी के दस से अधिक शिष्य शतावधानी,महाशतावधानी,अर्धसहस्त्रावधानी सहस्त्रावधानी,है।मानव उत्थान के लिए हर व्यक्ति की मेमोरी बड़े इस भावना से सभी को सरस्वती साधना सीखाते है, पचास हजार से अधिक लोगों ने अभी तक लाभ लिया है। यह तीसरा आयोजन है जिसमें कई विद्वान लोग शामिल होगें जोआध्यात्मिक शक्ति का चमत्कार देखेगें।इस कार्यक्रम का सरस्वती साधना चेनल परलाइव प्रसारण होगा ताकि जैन धर्म कि महान साधना के दर्शन देश भर में देखा व सुना जा सके।









