रेल मंत्री के अधीन लुधियाना स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों की दुर्दशा, सुरक्षा सवालों में!
लुधियाना रेलवे स्टेशन, जोकि पंजाब के रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का गृहनगर है, सुविधाओं के मामले में गंभीर संकट का सामना कर रहा है। यहां यात्रियों को प्लेटफार्मों के बीच यात्रा करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहां उन्हें सीढ़ियों पर रेंगकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। खासकर दिव्यांग यात्रियों के लिए यह स्थिति अत्यंत कठिन है, क्योंकि स्टेशन पर लिफ्ट या अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा की भी कोई गारंटी नहीं है, जिसके कारण लुधियाना रेलवे स्टेशन पर छीनाझपटी जैसी घटनाएं कभी-कभी होती रहती हैं।
अंधेरी रात के समय में, यह रेलवे स्टेशन सुनसान और असुरक्षित बन जाता है। यह स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है, जब स्टेशन के मुख्य द्वार पर ना तो मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और ना ही वहां किसी पुलिस का पहरा है। फलस्वरूप, असामाजिक तत्व आसानी से स्टेशन के अंदर प्रवेश कर सकते हैं और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। इस प्रकार, रेल यात्रियों के सामान की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि रेलवे सुरक्षा बल (GRP) और रेलवे पुलिस बल (RPF) की चौकी भी रात के समय में निष्क्रिय हो जाती है।
दिव्यांग यात्रियों की समस्याएं और भी गंभीर हैं। उन्हें प्लेटफार्मों के बीच यात्रा करने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें उन्हें काफी परेशानी होती है। वहीं, बुजुर्ग यात्रियों को भी सीढ़ियों पर चढ़ने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्टेशन में कुल 7 प्लेटफार्म हैं, लेकिन इनके बीच यात्रा करने के लिए कोई लिफ्ट या अन्य सुविधाएं नहीं हैं, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, लुधियाना रेलवे स्टेशन के इंचार्ज प्रभुदेव ने आश्वासन दिया है कि स्टेशन को पंजाब का पहला हाईटेक रेलवे स्टेशन बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि 2026 से पहले यात्रियों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए उचित इंतजाम किए जाएंगे। उनके अनुसार, इस विकास के बाद यात्रियों की सुविधाएं और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इस प्रकार, लुधियाना रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं की भारी कमी और सुरक्षा के अभाव के कारण यात्रियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, भविष्य में अपेक्षित सुधारों की उम्मीद की जा रही है, जो इस रेलवे स्टेशन को यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनायेंगे।









