पटियाला में स्वास्थ्य मंत्री का ऐक्शन: खुद तालाबों में स्प्रे कर, घर-घर की चेकिंग!
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर ने शुक्रवार की सुबह डेंगू के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खुद फील्ड में जाकर डेंगू के लार्वा की पहचान के लिए मुश्किलों का सामना किया। डॉ. बलबीर ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ मिलकर राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में डेंगू के लार्वा की पहचान के लिए एक व्यापक अभियान की शुरुआत की। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी फिजिकल कॉलेज, सरकारी स्कूल सिविल लाइंस, और सरकारी मल्टीपर्पस स्कूल समेत पंजाबी बाग क्षेत्र में घर घर जाकर जांच करने का कार्य किया।
इस क्रम में, स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य में वैक्टर जनित बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेज के विद्यार्थी इस मुहिम का हिस्सा बनकर अपने घरों और समुदायों में डेंगू से संबंधित जानकारी का प्रसार करेंगे, जिससे कि लोग इस घातक बीमारी के मुकाबले तैयार रहें और इसे खत्म करने में योगदान दे सकें।
डॉ. बलबीर के दौरे के दौरान कॉलेज में पानी से भरे तालाब की जांच भी की गई। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने साथ लेकर तालाब से लार्वा निकाले और उनमें लार्विसाइड दवाओं का छिड़काव कराते हुए बताया कि ये लार्वा मच्छरों में तब्दील होकर कॉलेज के विद्यार्थियों और निकटवर्ती हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को डेंगू से प्रभावित कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर सब्जी बनाने के बाद बचे हुए तेल को स्थिर पानी में डाल दिया जाए, तो यह लार्वा को समाप्त करने में सहायक हो सकता है।
इस जागरूकता अभियान का उद्देश है कि लोग अपने आसपास के वातावरण में सफाई रख कर, स्टाग्नेंट पानी को हटाकर और नियमित रूप से मास्क या दवाओं का उपयोग कर डेंगू से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें। डॉ. बलबीर ने अपनी टीम के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि लोगों में जानकारी, सजगता और सुरक्षा की भावना को विकसित किया जा सके।
इस पहल के तहत, स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए व्यावहारिक उदाहरण दिए और कहा कि इस प्रकार के छोटे-छोटे कदम न केवल उनकी सुरक्षा करते हैं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी दर्शाते हैं। उनके इस प्रयास से लोगों में डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की भावना को बल मिलेगा। पंजाब सरकार का यह कदम निश्चित रूप से राज्य की जनता को डेंगू जैसी बीमारियों से बचाने में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।









