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पंचमी पर विंध्यधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां के दरबार में लगीं कतारें

मीरजापुर, 15 अक्टूबर । शारदीय नवरात्र की पंचमी पर गुरुवार को विंध्यधाम में श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। मां के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास की गलियां गुंजायमान रहीं। ब्रह्म मुहूर्त में मंगला आरती और पूजन के बाद मंदिर के कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। पुष्पों और रत्नजड़ित आभूषणों से सुसज्जित मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे।

नवरात्र के चलते विंध्याचल की गलियों, मंदिर मार्गों और प्रमुख स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जिससे धाम की छटा देखते ही बन रही है।

मां विंध्यवासिनी के दर्शन से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर स्नान किया। इसके बाद मां के दरबार में मत्था टेका। दर्शन-पूजन के बाद भक्तों ने अष्टभुजा पहाड़ी पर विराजमान मां अष्टभुजा और मां काली के दरबार में भी हाजिरी लगाई। श्रद्धालुओं ने त्रिकोण परिक्रमा कर पुण्य लाभ की कामना की। देवी मंदिरों के आसपास साधक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-पाठ और अनुष्ठान में लीन रहे।

नवरात्र मेले में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी मेला क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने और दर्शन-पूजन में असुविधा से बचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। मेले के पांचवें दिन श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारी भी श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग में जुटे रहे।