वन्यजीव सप्ताह में विद्यार्थियों ने जाना प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का महत्व
जयपुर, 04 अक्टूबर । वन्यजीव सप्ताह-2026 के तीसरे दिन रविवार को जयपुर के विभिन्न वन्यजीव क्षेत्रों में प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छता और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें विद्यार्थियों, वन विभाग के कार्मिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आमेर स्थित सागर झील में विद्यार्थियों के साथ ईको-ट्रेक एवं ट्रेल वॉक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने प्रकृति के बीच भ्रमण कर स्थानीय जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की जानकारी ली। इस दौरान उन्हें प्रकृति संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया।
आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व में वन विभाग के कार्मिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता से पौधारोपण एवं आवास संवर्धन गतिविधि आयोजित की गई। इसके माध्यम से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को बेहतर बनाने और जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया गया। वहीं झालाना लेपर्ड रिजर्व, बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी और आमागढ़ लेपर्ड सफारी क्षेत्रों में विद्यार्थियों, वन विभाग के कार्मिकों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं ने स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के दौरान वन क्षेत्रों को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए लोगों को जागरूक किया गया।
मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के महत्व को रेखांकित करते हुए एमएनआईटी, जयपुर में ‘तेंदुओं के साथ सह-अस्तित्व’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तेंदुओं के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास, मानव-तेंदुआ सह-अस्तित्व और वन्यजीवों से संबंधित आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त बीड़ गोविंदपुरा जैव विविधता पार्क में विद्यार्थियों के साथ ईको-ट्रेक एवं ट्रेल वॉक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को पार्क की जैव विविधता और प्राकृतिक परिवेश से परिचित कराया गया।
वन्यजीव सप्ताह के तहत आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को प्रकृति एवं वन्यजीवों से जोड़ना है। साथ ही जैव विविधता संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य रहा।










