अधर्म की पराजय और प्रेम, भक्ति व धर्म की विजय का उत्सव है दधिकांदो मेला : गणेश केसरवानी
प्रयागराज, 27 सितंबर । प्राचीन दधिकांदो मेला अधर्म की पराजय और प्रेम, भक्ति एवं धर्म की विजय का उत्सव है। यह पर्व संदेश देता है कि अधर्मी चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसका नाश निश्चित है। यह बातें महापौर एवं मेला कमेटी के संरक्षक गणेश केसरवानी ने रविवार को कीडगंज परेड मैदान में आयोजित कंस दहन, जवाबी कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
प्राचीन दधिकांदो मेला कमेटी कृष्णानगर, त्रिवेणी मार्ग, कीडगंज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में परंपरागत रूप से भगवान श्रीकृष्ण, बलदाऊ, माता सरस्वती, रुक्मणी देवी और राधा रानी का पूजन एवं आरती की गई। इसके बाद महापौर गणेश केसरवानी ने भगवान श्रीकृष्ण की ओर से अधर्मी कंस के पुतले का बाण चलाकर दहन किया। कंस का पुतला जलते ही पूरा मैदान जय श्रीकृष्ण और बलदाऊ जी के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद जवाबी कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इसके बाद कानपुर की सचदेवा शरारती और छतरपुर, बुंदेलखंड की कुमारी कमलेश्वरी कंचन के बीच जवाबी कीर्तन हुआ। दोनों कलाकारों ने अपने गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों ने भक्ति गीतों का आनंद लिया।
महापौर ने कहा कि प्राचीन दधिकांदो मेला हमारे पूर्वजों की देन है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा पर्व भी है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं समाज को धर्म, प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
इस अवसर पर महापौर ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और जवाबी कीर्तन के कलाकारों को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र एवं फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया।
मेला कमेटी के मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि 29 सितंबर से मंगल कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। ज्ञान पुस्तकालय, कीडगंज के प्रांगण में पूज्य बटुक जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराएंगे।
कार्यक्रम का संचालन टीएन दीक्षित और मनीष केसरवानी ने किया, जबकि संयोजक अजय जायसवाल रहे। इस अवसर पर राजेश केसरवानी, कमलेश, पप्पू केसरवानी, कमल सरदार, मनोज साहू, कृष्णा साहू, वेद प्रकाश जायसवाल खन्ने, अमरेश जायसवाल, रमन गुप्ता, शिव नारायण श्रीवास्तव, पार्षद रूद्रसेन जायसवाल, मुकेश कसेरा, बब्बन प्रजापति, विवेक अग्रवाल, प्रमोद जायसवाल, अजय अग्रहरि सहित कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।









