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ध्यान अब भी न दोगे तो पछताओगे : संत पंकज महाराज

मीरजापुर, 15 सितंबर । जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज महाराज के नेतृत्व में चल रही 108 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध एवं आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा मंगलवार को हलिया विकासखंड के पंवारीकला पहुंची। यात्रा के 25वें पड़ाव पर शिव प्रताप सिंह इंटर कॉलेज के पास आयोजित सत्संग में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। आंधी-तूफान और बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने कलश, पुष्पवर्षा और बाजे-गाजे के साथ जयगुरुदेव के जयकारे लगाते हुए यात्रा का स्वागत किया।

सत्संग में संत पंकज महाराज ने कहा कि मनुष्य का शरीर कुछ समय के लिए मिला हुआ मकान है। समय पूरा होने पर परमात्मा के दूत इसे खाली करा लेते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन केवल भौतिक सुखों के लिए नहीं, बल्कि प्रभु की भक्ति और दर्शन के लिए मिला है। कबीर के दोहों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा प्रत्येक जीव के भीतर विद्यमान हैं, लेकिन मनुष्य उन्हें बाहर खोजता रहता है। प्रभु की प्राप्ति के लिए सच्चे महात्मा और पूर्ण गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक है।

उन्होंने सुरत-शब्द योग की साधना में सुमिरन, ध्यान और भजन की महत्ता समझाते हुए उपस्थित लोगों को भजन की विधि भी बताई। शाकाहार का संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “शाकाहार है सुखद आहार, शुद्ध खून करता संचार।” उन्होंने मांसाहार और शराब समेत सभी नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की।

संत पंकज महाराज ने चेताया कि कुदरत के नियमों की अनदेखी का परिणाम मनुष्य को भुगतना पड़ सकता है। इस दौरान घूरन प्रसाद, मोतीलाल सिंह, पूर्व प्रधान मणि प्रसाद उर्फ खमाची तिवारी, धनुराज दूबे, हृदयनारायण तिवारी, आशीष तिवारी, आशीष दूबे और राजनारायण मिश्र सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।