राजखरसावां रेलवे स्टेशन का 30 करोड़ रुपये से होगा पुनर्विकास
खूंटी , 02 अगस्त । अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के राजखरसावां रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा के अतारांकित प्रश्न के उत्तर में दी।
सांसद कालीचरण मुंडा ने पूछा था कि क्या प्रधानमंत्री द्वारा 6 अगस्त 2023 को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजखरसावां स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी गई थी तथा क्या 30 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन भवन के पुनर्निर्माण, लिफ्ट, एस्केलेटर, आधुनिक पहुंच मार्ग, हरित क्षेत्र और अन्य यात्री सुविधाओं के विकास की घोषणा की गई थी। सांसद ने रविवार को यहां बताया कि लोकसभा में उनके द्वारा पूछे गए
प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि राजखरसावां स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत नया स्टेशन भवन, आधुनिक प्रतीक्षालय, शौचालय, पार्किंग, परिसंचारी क्षेत्र, पहुंच मार्ग, प्लेटफॉर्म विस्तार, बेहतर प्लेटफॉर्म सतह, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, सौंदर्यीकरण तथा दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वर्तमान में स्टेशन पर प्लेटफॉर्म शेल्टर, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और ऊपरी पैदल पुल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिन्हें और उन्नत बनाया जाएगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,340 रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें झारखंड के 57 स्टेशन शामिल हैं। राज्य में अब तक 15 स्टेशनों का विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि रांची, टाटानगर, हटिया, बरकाकाना, चक्रधरपुर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर कार्य तेजी से जारी है।
मंत्रालय ने बताया कि पुराने और चालू रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के दौरान यात्रियों की आवाजाही प्रभावित किए बिना निर्माण कार्य करना, सिग्नल एवं विद्युत लाइनों का स्थानांतरण तथा विभिन्न विभागों से अनुमति प्राप्त करना जैसी तकनीकी चुनौतियां सामने आती हैं। इसके बावजूद कार्य निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों का विकास एक सतत प्रक्रिया है और इसे यात्री संख्या, आवश्यकता तथा उपलब्ध बजट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 में झारखंड से जुड़े रेलवे जोन के लिए 1,199 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिनमें जून 2026 तक 526 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।









