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हिमाचल में 3336 करोड़ रुपये की 19 नई जल विद्युत परियोजनाओं पर एमओयू

शिमला, 22 जून । हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में जल विद्युत उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इस वर्ष 278 मेगावाट क्षमता की 19 नई जल विद्युत परियोजनाओं के लिए कार्यान्वयन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं पर करीब 3336 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की ऊर्जा क्षमता का बेहतर उपयोग किया जाएगा और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सरकार द्वारा जिन परियोजनाओं के लिए समझौते किए गए हैं उनमें सोयल डाशल, खौली-2, ग्रामांग, उमली, भरमौर चरण-1 और चरण-2, हरसर चरण-2 और चरण-3, टुंडह चरण-2, जंगलिक, रूपिन चरण-2, दुनाली-1 एवं 2, जरी, तोरल कुंडली, टुंडन, कोट डोगरी, अप्पर कुर्मी, कलाल खोल और मेलन जल विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही सरकार ने पहले से आवंटित 15 जल विद्युत परियोजनाओं का आवंटन रद्द कर दिया है। सरकार का कहना है कि संबंधित निर्माणकर्ताओं ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई, जिसके कारण यह फैसला लिया गया। अब इन परियोजनाओं के जल्द कार्यान्वयन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निविदाएं आमंत्रित करने की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में मौजूद जल विद्युत क्षमता का दोहन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने ऊर्जा नीति में संशोधन करते हुए 25 मेगावाट तक की जल विद्युत परियोजनाओं के लिए रॉयल्टी की दर को बदलकर 40 वर्षों के लिए एक समान 12 प्रतिशत कर दिया है। उनका कहना है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि 150 मेगावाट क्षमता की टिडोंग चरण-1 जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा प्रदेश में जियोथर्मल ऊर्जा की संभावनाओं को तलाशने के लिए जियो ट्रॉपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में लगभग 24 हजार मेगावाट जल विद्युत क्षमता मौजूद है। इनमें से 12,588 मेगावाट क्षमता की 189 परियोजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं 1,528 मेगावाट क्षमता की 54 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जबकि 7,539 मेगावाट क्षमता की 526 परियोजनाएं विभिन्न स्वीकृति चरणों में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के हितों को सुरक्षित रखते हुए ऊर्जा क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ा रही है।